ईरान के ताजा मिसाइल टेस्ट के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिबंधों का एलान किया है। ट्रंप ने ईरान पर आतंकवाद के समर्थन और साइबर हमले के लिए नई रणनीति बनाने का आरोप लगाया है। ईरान का ताजा रुख ट्रंप के बयान के बाद सामने आया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद अली जाफरी ने कहा है कि अगर अमेरिका ईरान पर प्रतिबंध के नए प्रस्ताव लागू करता है तो उसे अपने सैन्य ठिकाने दो हजार किलोमीटर से दूर ले जाने होंगे। क्योंकि दो हजार किलोमीटर की सीमा तक हमला करने में ईरानी मिसाइलें सक्षम हैं।
जाफरी ने कहा, अमेरिका के नए प्रतिबंध ईरान से उसकी बातचीत के सभी रास्ते बंद कर देगे। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने की सूचना अगर सही है तो ईरान भी अमेरिकी सेना को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) जैसा दर्जा देने में नहीं हिचकेगा। उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाएगा जैसा कि आईएस के साथ किया जा रहा है। ऐसे में खासतौर पर मध्य-पूर्वी देश में अमेरिकी सेना की मुश्किल बढ़ जाएगी।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पर ईरान के बाहरी और अंदरूनी सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यह खास शस्त्रों से लैस प्रशिक्षित बल है जिसे आतंकवाद से लड़ने में महारत हासिल है। इसी के चलते ईरान में आईएस का विस्तार नहीं हो सका। शिया बहुल ईरान में सात जून को आईएस ने हमले की कोशिश की थी। हमले में 18 लोग मारे गए थे। हमलावरों को मारने के बाद ईरान ने 18 जून को सीरिया में आईएस के ठिकानों पर मिसाइलें बरसाकर जवाब दिया था। कहा जाता है कि यह संगठन यह बल में भी ईरान विरोधियों पर कार्रवाई करता है। इसी के चलते अमेरिका ने इसे आतंकी संगठनों की सूची में डाला है।

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