जयपुर. राजस्थान विधानसभा ने शुक्रवार को उस कानून पर मुहर लगा दी, जिसके तहत 12 साल या उससे कम उम्र की लड़की से रेप के दोषी को मौत की सजा दी जाएगी। मध्यप्रदेश का बाद राजस्थान ऐसा कानून बनाने वाला दूसरा राज्य बन गया है। इन दोनों के अलावा, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक सरकार भी ऐसा ही कानून बनाने की तैयारी में है। हरियाणा में इससे जुड़े प्रावधान को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
कब पेश हुआ बिल?
- राजस्थान सरकार ने बुधवार को विधानसभा में रेप से जुड़े कानून में बदलाव करने के लिए बिल पेश किया था। क्रिमिनल लॉ बिल 2018, के तहत सरकार ने पुराने कानून में धारा 376-AA और 376-DD को भी जोड़ा है। इस बदलाव को शुक्रवार को मंजूरी दे दी गई।
कितनी बढ़ी सजा?
- धारा 376-AA: इसके तहत अगर कोई भी 12 साल तक की बच्ची से रेप करता है, उसे फांसी या 14 साल की जेल हो सकती है। जेल की अवधि बढ़ाई जा सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
गृहमंत्री ने कहा- जेल से कभी बाहर नहीं आ पाएंगे दोषी
- राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बताया कि कानून में दो संशोधन किए गए हैं। इसमें आजीवन कारावास की सजा को जोड़ा गया है और ऐसा प्रावधान बनाया गया है कि 14 साल की सजा पूरी करने के बाद भी दोषी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा।
मुख्यमंत्री ने आम बजट में किया था एलान
- बता दें कि बीते महीने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बजट डिबेट के दौरान एलान किया था कि 12 साल से कम उम्र की लड़की से रेप करने के लिए कानून में सख्त से सख्त सजा का प्रावधान किया जाएगा।
राज्य में हर साल 1,300 से ज्यादा मामले दर्ज
- राजस्थान के गृह विभाग के मुताबिक, राज्य में बच्चियों के साथ रेप के हर साल एवरेज 1,300 से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं। उनके कम उम्र की बच्चियों की तादाद काफी है। जनवरी 2013 से दिसंबर 2017 तक राज्य में कम उम्र की लड़कियों के साथ रेप के 6519 केस दर्ज किए गए।

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