शहर में लॉ कॉलेज के बंद होने से अनेकों विद्यार्थी लॉ की पढ़ाई से वंचित हो रहे है। विगत ८ वर्षों से धार में लॉ की पढ़ाई पर रोक लग जाने के कारण विद्यार्थी अन्य शहरों में जाने पर मजबूर है। भारतीय विधिज्ञ परिषद नई दिल्ली की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण आज भी लॉ कॉलेज बंद है। सन २००९ के पूर्व यहां वर्षों तक लॉ की पढ़ाई जारी थी, लेकिन भारतीय विधिज्ञ परिषद के मापदंड को पूरा नहीं किए जाने के परिणाम स्वरूप सन ५ अक्टूबर २००९ को शासकीय पीजी कॉलेज लेटर पहुंचाया गया जिसमें लॉ की पढ़ाई बंद करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद से ही यहां लॉ की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने भी भारतीय विधिज्ञ परिषद को लॉ की पढ़ाई के लिए आवेदन भी पहुंचा था। इसके बाद बार काउंसिल की टीम भी अवलोकन करके गई थी। अवलोकन के दौरान टीम ने अलग बिल्ंिडग होने की बात कही थी। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने उच्च शिक्षा को नई बिल्ंिडग के प्रस्ताव भी भेजे थे और उसका जवाब आज तक कॉलेज के पास नहीं पहुंचा। शहर के लॉ कॉलेज के लिए उच्च शिक्षा विभाग के उपसचिव महेंद्र सिंह रघुवंशी ने १६ पदों की स्वीकृति प्रदान कर दी हैं। इसमें प्राचार्य, ४ प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी और ग्रंथपाल सहित अन्य कर्मचारियों जैसे महत्वपूर्ण पद स्वीकृत कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त अलीराजपुर, बड़वानी एवं झाबुआ जिले में भी लॉ कॉलेज के लिए पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है।
अलग से हो बिल्ंिडग
लॉ कॉलेज के लिए पृथक से जमीन भी पीजी कॉलेज ने देख ली है। इसके अलावा लॉ कॉलेज के लिए अन्य सभी सुविधाएं शासकीय पीजी कॉलेज द्वारा पूर्व से ही तैयार कर ली गई है। अब सिर्फ भारतीय विधिज्ञ परिषद की स्वीकृति का ही इंतजार किया जा रहा है। यदि भारतीय विधिज्ञ परिषद लॉ कॉलेज की स्वीकृति प्रदान कर देता तो इस शैक्षणिक सत्र में लॉ कक्षाएं शासकीय पीजी कॉलेज में संचालित होती। लॉ कॉलेज नए भवन के निर्माण होने तक यह कक्षाएं यहीं पर लगाई जाती। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कॉलेज प्रशासन ने लॉ की पढ़ाई शुरू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग चर्चा की तो उनका कहना था कि पहले बार काउंसिल की परमिशन लाओ उसके बाद बिल्ंिडग बनाने की अनुमति मिलेगी। वहीं बार काउंसिल पहले बिल्ंिडग तैयार करों उसके बाद परमिशन देने की बात कह रहा है।
१ लाख ६८ हजार का प्रस्ताव भी भेजा था
कॉलेज प्रशासन ने सहायक संचालक (निर्माण) उच्च शिक्षा विभाग भोपाल को २४ अगस्त २०१४ में शासकीय पीजी कॉलेज में १ लाख ६८ हजार रुपए से लॉ कॉलेज की बिल्ंिडग बनाने का प्रस्ताव भी भेजा था, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं मिलने से लॉ की पढ़ाई अधर में लटक गई है। वहीं बार काउंसिल ने कॉलेज प्रशासन से ३७ बिंदु की जानकारी मांगी थी जिसे कॉलेज प्रशासन १३ सिंतबर २०११ को भेजे थी उसके बाद भी वहां से कोई जानकारी कॉलेज प्रशासन को नहीं मिली। शासकीय पीजी कॉलेज में लॉ की पढ़ाई शुरू होती है तो कई सुविधाएं यहां पर विद्यार्थियों को मिल जाएगी।
विधायक से चर्चा की
लॉ कॉलेज के संबंध में विधायक से चर्चा की थी उन्होंने ने भी पत्र लिखा है। हम भी चाहते है कि जल्द से जल्द कॉलेज खुले।
- बीएल चौहान, प्राचार्य, शासकीय पीजी कॉलेज, धार
पत्र लिखा जाएगा
शासकीय पीजी कॉलेज में लॉ कॉलेज शुरू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जाएगा। जल्द से जल्द कॉलेज शुरू करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
-सावित्री ठाकुर, सांसद

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