दो अप्रैल की हिंसा में फंडिंग करने वालों की पहचान, जल्द कार्रवाई होगी

bhupendra singh3 10 04 2018मंथन न्यूज़ भोपाल -शल मीडिया पर प्रचारित मंगलवार को बंद के दौरान मप्र में सीधी को छोड़कर अन्य जिलों में शांतिपूर्ण बंद रहा। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि सीधी में पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े व लाठीचार्ज किया। इधर गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर किए गए बंद के बाद हुई हिंसा को लेकर कहा है कि जिन लोगों ने फंडिंग की थी, उनकी पहचान कर ली गई है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय में आईजी इंटेलीजेंस मकरंद देउस्कर ने बताया कि सीधी में आंबेडकर की प्रतिमा के सामने सवर्ण समाज के लोग एकत्रित थे। इनमें कुछ वकील भी शामिल थे। अचानक वे रैली निकालने की जिद करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोका और पथराव होने लगा।
इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट में चले गए और कलेक्ट्रेट से भी पथराव होने लगा, तब पुलिस ने भीतर घुसकर स्थिति को नियंत्रण में किया। पथराव में पुलिस के कुछ लोग घायल हुए हैं। देउस्कर ने बताया कि जबलपुर में भी कुछ लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सीधी में वकीलों और आम नागरिकों के बीच हुए लाठीचार्ज की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि इसे सूझ-बूझ से निपटाया जा सकता था।
वहीं गृह मंत्री ने दो अप्रैल के बंद के दौरान हुई हिंसा को लेकर कहा है कि इसमें कांग्रेस का हाथ होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उस दिन हुई हिंसा में शामिल जिन लोगों ने फंडिंग की थी उनकी पहचान हो गई है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही दो अप्रैल के बंद में जिन सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने की सूचना मिली है, उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सिंह ने कहा कि मंगलवार का बंद शांतिपूर्ण रहा। उधर, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने गृह मंत्री के बयान की निंदा करते हुए कहा कि यदि प्रमाण हैं तो सार्वजनिक रूप से उजागर करें।