मंथन न्यूज़ -उप्र के मुजफ्फरनगर के बाद अब मेरठ में भी मुस्लिम समाज ने जनहित में सकारात्मक पहल की है। हाईवे-58 के चौड़ीकरण में काफी समय से बाधक बनी खड़ौली मस्जिद को प्रबंधकों ने ही हटाना शुरू कर दिया है। पहले प्रबंधकों ने मस्जिद के अंदर के हिस्से को तोड़ा और शनिवार को बाहरी दीवार भी गिरा दी।
कई बार टीम धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए भी गई, लेकिन भारी विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा। पिछले दिनों चली बैठकों के बाद मस्जिद प्रबंधक मुआवजा मिलने पर भवन को हटाने के लिए राजी हो गए। प्रशासन ने भी एनएचएआइ से तत्काल मुआवजे का निर्धारण कराया और 12 लाख 80 हजार, 600 रुपये का चेक तैयार करा दिया।
मेरठ से मुजफ्फरनगर तक हाईवे के चौड़ीकरण का काम चल रहा है, लेकिन हाईवे के किनारे स्थित धार्मिक स्थलों के कारण चौड़ीकरण का काम काफी समय से अटका हुआ है। अब शासन की फटकार के बाद जागे जिला प्रशासन ने धार्मिक स्थलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। सबसे बड़ी दिक्कत खड़ौली मस्जिद को लेकर थी।
कई बार टीम धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए भी गई, लेकिन भारी विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा। पिछले दिनों चली बैठकों के बाद मस्जिद प्रबंधक मुआवजा मिलने पर भवन को हटाने के लिए राजी हो गए। प्रशासन ने भी एनएचएआइ से तत्काल मुआवजे का निर्धारण कराया और 12 लाख 80 हजार, 600 रुपये का चेक तैयार करा दिया।
मुआवजा निर्धारित होते ही प्रबंधक भी मस्जिद के भवन को हटाने के लिए राजी हो गए और शनिवार को बाहरी दीवार को भी तोड़ दिया गया। डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि मस्जिद को हटाने का काम शुरू हो गया है। गौरतलब है कि इससे पूर्व मुजफ्फरनगर में भी हाईवे निर्माण में बाधक बनी मस्जिद को प्रशासन से वार्ता के बाद मुस्लिम समाज ने हटा दिया था।

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