बता दें कि दस अप्रैल को एक विशेष वर्ग ने दस अप्रैल को भारत बंद की संभावित घोषणा की है। पूर्व में दो अप्रैल को चंबल और ग्वालियर संभाग में हिंसक घटनाओं को देखते हुए। पुलिस ने रणनीति बना ली है। इस दौरान डीआईजी जिले के थानों में सभी वर्ग के लोगों को बुलाकर आंदोलन न करने व शांति बनाए रखने को लेकर समझाइश दे रहे हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट नहीं डालने की समझाइश दे रहे हैं ताकि लोगों की भावनाएं न भड़के और हिंसक स्थिति न बन सके।
जिला विशेष शाखा के पुलिस अफसर भी सक्रिय
जिले की विशेष शाखा को सूचनाएं एकत्रित करने के लिए सक्रिय कर दिया गया हैं। वह बस्ती और मोहल्लों में घूम-घूमकर स्थिति भांपने में लगे हुए है। जिसके लिए संबंधित थाना भी उनकी मदद में लगा हुआ है।
पुलिस को नहीं मिल पा रहा समय
वारदात के बाद संबंधित थाना पुलिस को अपराध की जांच करने का समय ही नहीं मिल पा रहा। अपराधी को पकड़ने के लिए वह मुखबिर तंत्र से संपर्क ही नहीं मिला पा रही है। टीम को आरोपित को हिरासत में लेने के लिए दूसरे जिले जाना है, लेकिन उसे अन्य काम में लगा रखा हुआ है। जिसके कारण गंभीर अपराध के मामले सुलझने में नहीं आ पा रहे हैं।

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