एक माह में सिंध का पानी घरों तक नहीं पहुंचा तो अफसर कुर्सी पर नहीं बैठ पाएंगे

प्रभारी नगर पालिका सीएमओ से बोले सदस्य- मुर्दाबाद, नपाध्यक्ष मुन्नालाल को चूड़ी पहनाने के नारे लगाए 

जल क्रांति के सदस्य कलेक्टोरेट से सीधे नगरपालिका पहुंचे। यहां उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह को चूड़ी पहनाने और प्रभारी सीएमओ गोविंद भार्गव के मुर्दाबाद के नारे लगाए। एक सदस्य तो इस दौरान इतना उग्र हो गया कि उसने यहां तक कह दिया कि पानी एक माह में नहीं पहुंचा तो अधिकारियों के मुंह काले होंगे। जनता मानमर्दन करेगी। यही नहीं अधिकारियों को कुर्सी छोडकर अपने घर भागना पड़ेगा। 

सदस्य बोले- दो महीने से सीएमओ हो-सिंध के पानी के लिए अब तक क्या प्रगति की, हमें अवगत कराओ 

जल क्रांति सदस्य बोले कि आपको आए कितना समय हो गया... जवाब में नपा सीएमओ गोविंद भार्गव बोले- 2 माह। सदस्य बोले तो इन दो माह में सिंध के पानी को लेकर क्या प्रगति ला पाए। इस पर सीएमओ बोले कि अनुमति मिल गई है। 5 करोड़ 83 लाख का एस्टीमेट तैयार है और सरकार से जल्द ही स्वीकृति आ जाएगी। यह सुनकर सदस्य बोले- इंटक बेल का काम क्यों रुका है तो भार्गव बोले कि टंकियों को जोड़कर जल्द पानी आएगा। इंटकबेल में सिल्ट जमा है और 15 दिन में सब ठीक हो जाएगा। सदस्य बोले कि टैंकरों से पानी क्यों बर्बाद कर रहे हो, आप स्थायी व्यवस्था पर काम क्यों नहीं कर रहे। इस पर सीएमओ बोले कि टैंकर से पानी सप्लाई पर अब दिक्कत नहीं आएगी क्योंकि टैंकर पर नंबर लिखे होंगे। आखिर में जब सदस्यों ने पूछा कि पानी कब घरों में आएगा तो सीएमओ मुस्कुराकर मौन हो गए। 

पार्षद बोले-प|ी के साथ हड़ताल पर बैठूंगा 

वार्ड 4 के पार्षद भी आंदोलन के दौरान नपा पहुंच गए और बोले कि पानी की बड़ी किल्लत है सीएमओ साहब। मैं भी इनके साथ हूं, यदि सिंध का पानी नहीं आया तो जल क्रांति का हिस्सा मैं भी बनूंगा और प|ी के साथ हड़ताल पर बैठूंगा। 

जल क्रांति का 2015 में कर चुके हैं आगाज, सीएम और विधायक के आश्वासन पर छोड़ा था आंदोलन 

पब्लिक पार्लियामेंट के लोग सन 2015 में जून-जुलाई के माह में 25 दिनों तक धरना दे चुके हैं। सदस्यों ने बताया कि जनता ने अपना आंदोलन इसलिए वापस लिया था कि सीएम और विधायक ने आश्वासन दिया था कि 6 माह में योजना शुरु होगी पर 3 साल निकल जाने के बाद भी अब तक कोई काम पूरा नहीं होता दिखा। 

अब झूठे और खोखले वादे नहीं चलेंगे 

लोग बूंद बूंद पानी के लिए परेशान हैं। 9 साल से योजना लंबित है, नेताओं के झूठे और खोखले आश्वासन अब नहीं चलेंगे। 1 माह में प्रशासन सिंध के पानी को लाने की कोई ठोस पहल नहीं करेगा तो हम 9 अप्रैल से आमरण अनशन करेंगे। सोमित्र तिवारी,सदस्य जल क्रांति