जहां सरकार नहीं पहुंचती वहां सेना करती है लोगों की मदद, आर्थिक विकास के लिए जरूरी है सेना का आधुनिकीकरण: बिपिन रावत

जहां सरकार नहीं पहुंचती वहां सेना करती है लोगों की मदद, आर्थिक विकास के लिए जरूरी है सेना का आधुनिकीकरण: बिपिन रावत, national news in hindi, national newsपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -.आर्मी चीफ बिपिन रावत ने गुरुवार को एक सेमिनार के दौरान भारत के आर्थिक विकास के साथ-साथ सेना के आधुनिकीकरण की जरूरत बताई। जनरल रावत ने कहा कि सेना को मिलने वाले सालाना बजट का 35-37% देश को बनाने में ही इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा, “देश की जिन जगहों पर सरकार नहीं पहुंच पाई है, वहां सेना ही लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रही है। यहां तक की दूर-दराज के इलाकों में सड़क और इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने तक में सेना अहम किरदार निभाती है।” आर्मी चीफ ने बताया कि देश के विकास और बॉर्डर की सुरक्षा एक दूसरे से जुड़े हैं और दोनों के लिए ही सेना का मजबूत और आधुनिक होना जरूरी है।
आर्थिक विकास के लिए जरूरी है सेना का आधुनिकीकरण
- जनरल रावत ने कहा कि विदेशों से आने वाले निवेश और देश के बॉर्डर की स्थिति में बहुत बड़ संबंध है। अगर हमें देश में इन्वेस्टमेंट चाहिए तो हमें इन्वेस्टर्स को ये विश्वास दिलाना होगा कि देश के बॉर्डर्स सुरक्षित हैं और देश के आतंरिक सुरक्षा के हालात भी नियंत्रण में हैं। इसके लिए जरूरी है कि सेना को मजबूत बनाया जाए और ये काम सेना को जरूरी बजट देकर किया जा सकता है। 
- इसके अलावा आर्मी चीफ ने सेना के बजट पर सवाल उठाने वालों को भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सेना के जवान भी देश के विकास के लिए जरूरी टैक्स देते हैं। यहां तक की यूनाइटेड नेशंस के मिशन्स में जाने वाली टुकड़ियों के लिए आने वाला पैसा भी सेना के पास नहीं बल्कि भारत सरकार के फंड में जाता है।

इस साल बढ़ाया डिफेंस बजट
- सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 2018-19 के बजट में सरकार ने डिफेंस बजट में कुल 7.81% की बढ़ोतरी की थी। इस बार डिफेंस सेक्‍टर को 2,95,511 करोड़ रुपए मुहैया कराए गए हैं ।
हथियारों की खरीद के लिए मिले 15 हजार करोड़
- बता दें कि डिफेंस बजट में बढ़ोतरी किए जाने के बाद ने डिफेंस मिनिस्ट्री ने हथियारों की खरीद के लिए 15,935 करोड़ के प्रपोजल को मंजूरी दी थी। 
- इस कैपिटल एक्विजिशन प्रपोजल के तहत सेना 7.40 लाख असॉल्ट और 5,719 स्नाइपर राइफल्स खरीदेगी। इसके अलावा सेना की ताकत बढ़ाने के लिए लाइट मशीनगंस भी खरीदी जाएंगी। डिफेंस मिनिस्ट्री में सरकारी खरीद के सबसे बड़ी निर्णायक बॉडी डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) में लंबे समय से लटके इस प्रपोजल को मंजूरी दी गई।