AMU और BHU के नाम से हटाया जा सकता है 'मुस्लिम' व 'हिंदू'

amu bhu 09 10 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के नाम से जल्द ही हिंदू और मुस्लिम शब्द हटाए जा सकते हैं। दरअसल केंद्रीय विश्वविद्यालयों को लेकर की गई एक सरकारी ऑडिट में ये शब्द हटाने की सलाह की गई है।
विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 10 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कथित अनियमितता की शिकायतों की जांच के लिए मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देश पर 25 अप्रैल को पांच कमेटियां गठित की थी। इसी में एक ऑडिट पैनल ने अपनी दलील में कहा है कि यूजीसी इन दोनों यूनिवर्सिटीज को ग्रांट देती है, ऐसे में इसकी छवि भी धर्मनिरपेक्षता को दर्शाने वाली होनी चाहिए।
इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय को 10 यूनिवर्सिटीज में अनियमितताओं से जुड़ी काफी शिकायतें मिल रही थी। इसके मद्देनजर ही इस पैनल को गठित किया गया। हालांकि इसमें बीएचयू का नाम शामिल नहीं है, लेकिन ऑडिट पैनल ने अपनी रिपोर्ट में इसके नाम का भी जिक्र किया है।
एएमयू ऑडिट में कमेटी ने सुझाव दिया कि संस्‍थान को या तो सिर्फ 'अलीगढ़ यूनिवर्सिटी' कहा जाए या फिर इसके संस्‍थापक, सर सैयद अहमद खान के नाम पर रख दिया जाए। यही वजह बीएचयू का नाम बदलने के लिए भी दी गई।
एएमयू और बीएचयू के अलावा पांडिचेरी यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, उत्‍तराखंड की हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी, झारखंड की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, राजस्‍थान की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, जम्‍मू की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, वर्धा का महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिन्‍दी विश्‍वविद्यालय, त्रिपुरा की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, मध्‍यप्रदेश की हरि सिंह गौर यूनिवर्सिटी का भी 'शैक्षिक, शोध, वित्‍तीय और मूलभूत संरचना ऑडिट' कराया गया है।
पैनल की इस सिफारिश के बाद दोनों यूनिवर्सिटी में बहस छिड़ गई है। सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि आखिर ऐतिहासिक महत्व के दोनों विश्वविद्यालयों के नाम से अब कैसे छेड़छाड़ की जा सकती है।