भोपाल में बनेगा देश का पहला पंचकर्म सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

मंथन न्यूज़ पूनम पुरोहित भोपाल -मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के खुशीलाल आयुर्वेद कॉलेज में देश का पहला पंचकर्म सुपरस्पेशलिटी हास्पिटल बनने जा रहा है। यहां मरीजों के इलाज के साथ प्राकृतिक सौंदर्य भी दिखेगा। इसके लिए कलियासोत डैम के पास टापू में अस्पताल बनाया जाएगा।panchakarma bhopal mp 2017109 10268 09 10 2017
यहां पर जांच की सुविधाएं, पंचकर्म और फिजियोथैरेपी की सुविधा होगी। नवंबर में निर्माण कार्य के लिए भूमिपूजन होने जा रहा है। अस्पताल बनाने में करीब 9 करोड़ रुपए खर्च आएगा। करीब 5 करोड़ रुपए भवन में व बाकी उपकरण व अन्य सुविधाओं में खर्च होंगे।
खुशीलाल आयुर्वेद कॉलेज के अफसरों ने बताया कि अस्पताल के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। इस अस्पताल में दिमाग और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियां जैसे लकवा, मिर्गी व पेट की बीमारियों का इलाज किया जा सकेगा। अस्पताल में एक लैब बनाई जाएगी। इसमें पैथोलॉजिकल जांचों के अलावा कुछ मशीनें रखी जाएंगी।
सोनोग्राफी, मिर्गी व अन्य दिमागी बीमारियों की जांच के लिए ईईजी (इलेक्ट्राइंसेफलोग्राम) की सुविधा रहेगी। बीमारी व जांच के आधार पर तय किया जाएगा कि मरीज को क्या बीमारी है और उसे किस तरह का पंचकर्म और इलाज दिया जाना है। बता दें कि अभी अस्पताल में पंचकर्म के लिए करीब एक महीने की वेटिंग चल रही है।
स्पा की तर्ज पर होंगी सुविधाएं, गाना सुनते हुए करा सकेंगे मालिश
अस्पताल में पंचकर्म यूनिट को स्पा की तर्ज पर बनाया जाएगा। यहां पर मधुर संगीत के साथ मरीज पंचकर्म करा सकेंगे। उन्हें डिस्पोजेबल टॉवेल व अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। हालांकि, इसके लिए मरीजों से ज्यादा फीस ली जा सकती है। सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में बीपीएल मरीजों का इलाज फ्री रहेगा। अन्य मरीजों को विकल्प दिया जाएगा कि वे साधारण तरीके से पंचकर्म कराना चाहते हैं या फिर अच्छी सुविधाओं के साथ। उसी के अनुसार फीस तय की जाएगी। हालांकि फीस क्या होगी अस्पताल तैयार होने के बाद तय किया जाएगा।
20 प्राइवेट वार्ड भी होंगे
सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में 20 प्राइवेट वार्ड भी बनाए जा रहे हैं। इसमें कुछ साधारण व कुछ एसी होंगे। प्राइवेट वार्डों में टीवी, छोटा किचन, टेलीफोन की सुविधाएं रहेंगी। प्राइवेट वार्ड की शुल्क 150 से 400 रुपए तक हो सकती है।
मौजूदा अस्पताल में भी बढ़ेंगे 50 बेड, अस्पताल को होगा जीर्णोद्घार
मौजूदा अस्पताल में अभी 150 बेड हैं, लेकिन अभी सभी बेड फुल रहते हैं। अतिरिक्त मरीजों के लिए अलग से बेड लगाना पड़ता है। बेड लगाने के लिए वार्ड में जगह कम पड़ जाती है। इस वजह से मरीजों को परेशानी होती है। लिहाजा मौजूदा अस्पताल में ही 50 बेड और बढ़ाए जा रहे हैं। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से 1 करोड़ 65 लाख रुपए खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज को मिले हैं। इससे बेड व अन्य सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
क्या होता है पंचकर्म में
वमन (उल्टी कराना)- सर्दी, खांसी व कफ के मरीजों के लिए।
विरेचरण-शरीर से अपशिष्टों को बाहर निकालने के लिए अलग-अलग क्रियाएं।
बस्ती कर्म (एनीमा)- यह तीन तरह से दी जाती है। पेट के विकार के मरीजों के लिए यह फायदेमंद है।
नस्य कर्म (नाक से औषधियां देना)- नाक से द्रव या पाउडर डाला जाता है। सिर दर्द और मानसिक बीमारियों के लिए फायदेमंद।
रक्तमोक्षण- दूषित रक्त को दूर करने के लिए।
अन्य- शिरोधारा- तेल या दूध की धार शरीर के किसी हिस्से में गिराई जाती है। लकवा और अस्थि रोग के मरीजों के लिए।
स्वेदन- शरीर से पसीना निकालने के लिए मालिश की जाती है।
भाप देना- इलेक्ट्रिक से चलने वाली एक मशीन होती है। इसमें मरीज को डाल दिया जाता है। इसके बाद हल्की भाप दी जाती है, जिससे रोम छिद्र खुल जाएं।