श्रीकृष्ण और गोपियों का प्रेम
प्रस्तुतियों की श्रृंखला में शालिनी ने कथक के शुद्ध अंग के साथ टेक्नीकल पार्ट प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने ठाठ, आमद, तोड़े और परन पेश किए। प्रस्तुति में उन्होंने भाव पक्ष के दौरान उन्होंने रामनवमी के अवसर पर 'सीता स्वंर' की प्रस्तुति से दर्शकों का मनमोहा। इसके बाद एक ठुमरी 'सब बन ठन आई श्याम प्यारी...' में गोपियों और श्रीकृष्ण के बीच के प्रेम को दिखाया। प्रस्तुति का समापन उन्होंने दादरा के साथ किया। इस मौके पर उनके साथ तबले पर रामेश्वर प्रसाद सोनी और हामोनियम और गायन में श्रीपद कायंदे ने संगत दी। शालिनी ने 5 वर्ष की आयु से कथक नृत्य प्रशिक्षण लेना प्रारंभ कर दिया था। प्रथम गुरु उनकी माता ही रहीं। उन्होंने इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की। इसके अलावा एमबीए की डिग्री भी प्राप्त की। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति दी है।

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