मंथन न्यूज़ भोपाल -भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष को लेकर सियासत गहरा रही है। सर्व सम्मति से ऐसा कोई नाम तय नहीं हो पा रहा है जिस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, संघ और केंद्रीय नेतृत्व की एक राय हो। अब माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंडला यात्रा के बाद ही पार्टी इस बारे में फैसला लेगी। दिन ब दिन नए अध्यक्ष की घोषणा न होने से न सिर्फ कार्यकर्ता असमंजस में हैं बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं।
प्रदेश में नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर रोजाना सियासत गर्म हो रही है। यह तय हो गया है कि मौजूदा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को इस पद से हटाया जा रहा है। उन्हें राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल द्वारा सूचना भी दे दी गयी है। चूंकि यह चुनावी साल है इसलिए किसी ऐसे चेहरे की तलाश की जा रही है जिसकी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पटरी भी बैठ जाए और चुनाव अभियान भी निर्बाध गति से हो सके।
केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा प्रदेशाध्यक्ष की दावेदारी से खुद को अलग करने के बाद से नए दावेदार को लेकर न सिर्फ पार्टी में असमंजस बना हुआ है बल्कि कार्यकताओं में भी इस बात को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म रहता है। हालांकि अभी तोमर रेस से बाहर नहीं हुए हैं। उनका फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेना है।
दूसरे मुख्य दावेदार जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा है जो राष्ट्रीय नेतृत्व की पसंद है। चर्चा में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा से लेकर मंत्री भूपेंद्र सिंह, राजेन्द्र शुक्ल के नाम भी प्रदेशाध्यक्ष की दावेदारी में चल रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष की कमान किसी अगड़ी जाति के नेता को दिए जाने पर सहमति बन गयी है। क्योंकि मुख्यमंत्री खुद पिछड़े वर्ग से आते हैं। वैसे आरक्षित वर्ग से लालसिंह आर्य, ओमप्रकाश धुर्वे और रंजना बघेल के नाम भी चर्चा में बने हुए हैं। विधानसभा चुनाव सामने होने के कारण पार्टी हाईकमान भी नहीं चाहता है कि ऐसा अध्यक्ष बना दिया जाए जो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए असहज हो।
पार्टी नेता कहते हैं कि ऐसा न होता तो दिल्ली से जुड़े नेता सीधे अध्यक्ष बना दिए जाते। सूत्र बताते हैं कि सीएम ने नागपुर जाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डा मोहन भागवत और भैयाजी जोशी को सारे मामले से अवगत करवा दिया था।
रविवार को इस सिलसिले में उनकी दिल्ली में प्रधानमंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी बातचीत होने का दावा सूत्र करते हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता रामलाल, सौदान सिंह और संघ सहसर कार्यवाह डा कृष्णगोपाल भी प्रदेश का दौरा कर इस बारे में फीडबैक जुटा गए थे। अब पार्टी नेताओं की मानें तो ये घोषणा में एक सप्ताह का समय और लग सकता है।
इधर, सोशल मीडिया में रोज भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के नाम को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म रहता है। कई बार तो बाकायदा नियुक्ति की खबर भी प्रसारित कर दी गई। पर इन बातों पर दिग्गज नेता कहते हैं कि भाजपा में ऐसा नहीं होता है।

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