मंथन न्यूज़ -सेंट्रल जेल भोपाल से सिमी के आठ कैदियों के फरार होने के बाद जेल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए हाई सिक्युरिटी यूनिट गठित होगी। इसके लिए जेल विभाग ने 130 अधिकारी और प्रहरी के नए पद बनाने का प्रस्ताव दिया था पर वित्त विभाग इससे सहमत नहीं था।
इसी तरह बरसों से इंदौर प्रेस क्लब के भवन को लेकर चले आ रहे विवाद का भी मंगलवार को पटाक्षेप हो गया। यह भवन अब लोक निर्माण विभाग की भवन सूची में शामिल होगा और प्रेस क्लब को प्रचलित बाजार दर से तय होने वाले किराए से सिर्फ 10 फीसदी में दिया जाएगा।
कैबिनेट में वित्त विभाग के अधिकारियों ने कहा कि 17 पद काफी हैं पर मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को खारिज कर दिया। उन्होंने जेल विभाग के प्रस्ताव को जायज करार देते हुए मात्र दस पद कम करते हुए 120 पदों को मंजूरी दे दी।
इसी तरह बरसों से इंदौर प्रेस क्लब के भवन को लेकर चले आ रहे विवाद का भी मंगलवार को पटाक्षेप हो गया। यह भवन अब लोक निर्माण विभाग की भवन सूची में शामिल होगा और प्रेस क्लब को प्रचलित बाजार दर से तय होने वाले किराए से सिर्फ 10 फीसदी में दिया जाएगा।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि वित्त विभाग की आपत्ति को मुख्यमंत्री ने दरकिनार कर हाई सिक्युरिटी यूनिट की स्थापना में 120 पदों को मंजूरी दी है। जेल में बंद सिमी के कैदियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह बड़ा कदम उठाया गया है।
बैठक में लोकायुक्त संगठन में चल रहे इंदौर प्रेस क्लब के भवन के विवाद को देखते हुए सरकार ने इस भवन को लोक निर्माण विभाग की सूची में शामिल करने का फैसला किया है। इसमें स्थायी और अस्थायी निर्माण शामिल है।
इसके अलावा बड़े पशुओं की उत्प्रेरणा योजना और छोटे पशुओं एवं पक्षियों की उत्प्रेरणा योजना को 2020 तक जारी रखने की अनुमति दी गई। एमपीएसआईडीसी के कर्जदारों के भुगतान के लिए 44 करोड़ 32 लाख रुपए मंजूर करते हुए योजना 2018-19 में जारी रखने का फैसला किया गया।
50 फीसदी कम भाव पर बिकी लहसुन तो नहीं मिलेगा भावांतर
प्रदेश सरकार ने लहसुन को भावांतर भुगतान योजना में शामिल करने का निर्णय किया है। इसकी खरीदी 1 अप्रैल से 31 मई तक मान्य होगी। योजना के लिए प्रति हेक्टेयर अधिकतम उत्पादकता 75 क्विंटल तय की गई है। भावांतर की देय राशि लहसुन के घोषित मूल्य के 25 फीसदी मूल्य तक ही दी जाएगी।
घोषित मूल्य से लहसुन का भाव पचास फीसदी से कम मिलता है तो किसान को भावांतर का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके मायने यह हुए कि 32 सौ रुपए प्रति क्विंटल का भाव होने पर लहसुन यदि 16 सौ रुपए में बिकती है तो भावांतर नहीं दिया जाएगा।

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