मंथन न्यूज़ दिल्ली -सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए मंगलवार को कहा कि वह अवैध निर्माण को कानूनी जामा पहना रही है। मास्टर प्लान 2021 के संशोधन की अधिसूचना पर लगी रोक को हटाने से इनकार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि सीलिंग अभियान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों को दिल्ली को बंधक बनाने दिया जा रहा है। दस लाख व्यापारियों को संरक्षण देने के लिए दिल्ली की 186 लाख जनता के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अगर यह हाल रहा तो भविष्य में कुछ नहीं बचेगा। न संस्कृति बचेगी और न हेरिटेज।
शीर्ष अदालत ने कहा कि सरकार कानून लाकर गैरकानूनी को कानूनी जामा पहना रही है। सीलिंग के विरोध में व्यापारियों द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताते हुए न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा, ‘ये लोग कह रहे हैं कि हमने कुछ गैरकानूनी काम किया है, लेकिन हमें संरक्षण दिया जाए।
व्यापारियों का धरना यह बताता है कि वे दोषी हैं। सीधे-सादे लोग धरना नहीं देते।’ अवैध निर्माण को संरक्षण देने पर पीठ ने सरकार से कहा कि ऐसा लगता है, मानो आप पूरे देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि यहां सब कुछ संभव है, कोई कुछ भी कर सकता है।

व्यापारियों का धरना यह बताता है कि वे दोषी हैं। सीधे-सादे लोग धरना नहीं देते।’ अवैध निर्माण को संरक्षण देने पर पीठ ने सरकार से कहा कि ऐसा लगता है, मानो आप पूरे देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि यहां सब कुछ संभव है, कोई कुछ भी कर सकता है।
पीठ ने केंद्र के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को सुनाई खरी-खरी
पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एएनएस नादकर्णी से कहा, ‘आपको यह समझने की जरूरत है कि दिल्ली की जनता महत्वपूर्ण है, चाहे वह सरकार हो या डीडीए या निगम या कोई अन्य एजेंसी।’ पीठ ने यह भी कहा कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। अवैध कॉलोनियों में हरित क्षेत्र नहीं है, सीवेज नहीं है, नालियां नहीं हैं। पार्किंग की सुविधा नहीं है। दुकानदारों, निवासियों और आरडब्ल्यूए ने फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रखा है। इससे दिल्ली की आम जनता को परेशानी हो रही है।
पीठ ने कहा कि गाजीपुर में 60 फीट ऊंचा कचड़े का अंबार है। यातायात की समस्या है। प्रदूषण की समस्या है। लोगों को स्वच्छ हवा तक मयस्सर नहीं है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। क्या यह व्यापारियों को संरक्षण देने के लिए हो रहा है? पीठ ने कहा कि इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा। बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है और सरकारी एजेंसी सोयी हुई है।
केंद्र नाहक विलेन बन गई है : नादकर्णी
व्यापारियों का विरोध उचित नहीं है। पूरे मामले में केंद्र सरकार विलेन बन गई है। केंद्र पर इसका दोष मढ़ना सही नहीं है। यह वास्तव में तंत्र की नाकामी है। इस पर पीठ ने कहा कि सरकार को सख्त संदेश देना चाहिए कि यहां कानून का शासन है। पीठ ने सरकार से पूछा कि आखिर आप सालों से चुप क्यों बैठे हैं। पीठ ने एएसजी के इस बात पर भी कड़ा एतराज जताया कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की योजना है। पीठ ने कहा कि जो चीज पूरी तरह गलत है, उसे आप कैसे नियमित कर सकते हैं। पीठ ने सरकार को भविष्य की योजना से अवगत करने के लिए कहा है। सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।
पीठ ने कहा कि गाजीपुर में 60 फीट ऊंचा कचड़े का अंबार है। यातायात की समस्या है। प्रदूषण की समस्या है। लोगों को स्वच्छ हवा तक मयस्सर नहीं है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। क्या यह व्यापारियों को संरक्षण देने के लिए हो रहा है? पीठ ने कहा कि इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा। बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है और सरकारी एजेंसी सोयी हुई है।
केंद्र नाहक विलेन बन गई है : नादकर्णी
व्यापारियों का विरोध उचित नहीं है। पूरे मामले में केंद्र सरकार विलेन बन गई है। केंद्र पर इसका दोष मढ़ना सही नहीं है। यह वास्तव में तंत्र की नाकामी है। इस पर पीठ ने कहा कि सरकार को सख्त संदेश देना चाहिए कि यहां कानून का शासन है। पीठ ने सरकार से पूछा कि आखिर आप सालों से चुप क्यों बैठे हैं। पीठ ने एएसजी के इस बात पर भी कड़ा एतराज जताया कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की योजना है। पीठ ने कहा कि जो चीज पूरी तरह गलत है, उसे आप कैसे नियमित कर सकते हैं। पीठ ने सरकार को भविष्य की योजना से अवगत करने के लिए कहा है। सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।

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