क्या भगवान श्रीराम के बाद नई अयोध्या बसाएंगे योगी आदित्यनाथ, 13 अप्रैल को होगी मीटिंग

भगवान श्रीराम के बाद नई अयोध्या बसाएंगे योगी आदित्यनाथ, 13 अप्रैल को होगी मीटिंगमंथन न्यूज़ -एक अयोध्या भगवान राम की थी, एक अयोध्या महाराज विक्रमादित्य ने बसाई थी तो अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक नई अयोध्या बसाने जा रहे हैं. नई अयोध्या बसाने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संकल्पना जल्द ही साकार होने जा रही है. अयोध्या से सटे नेशनल हाईवे के किनारे माझा बरेहटा में 500 एकड़ की जमीन पर योगी आदित्यनाथ का नई अयोध्या बसाने का सपना साकार होगा.

13 अप्रैल को होने वाली अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण की बैठक में टाउनशिप का खाका खींचा जाएगा. योगी की इस पहल का सबसे ज्यादा फायदा अयोध्या के निकट बसे गांवों को होगा. इस प्रोजेक्ट की बदौलत आस-पास के गांवों को शहर जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी.

योजना को तीन चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव है. पहले चरण में 110 करोड़ रुपए खर्च करके प्रदेश सरकार 100 एकड़ जमीन लेकर शहर को विकसित करेगी. नए शहर में मंदिर, पार्क, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, लग्जरी होटल समेत अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
भगवान राम की नगरी अयोध्या केंद्र व प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है. पर्यटन की दृष्टि से अयोध्या को विकसित करने की योजना है. इसमें तमाम विभागों की ओर से विकास संबंधी नए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं.

अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण की बैठक में नई अयोध्या बसाने का प्रस्ताव पारित होने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. प्राधिकरण बोर्ड में प्रस्ताव पास होने के बाद वित्तीय सहायता के लिए हुडको से मदद लेने की योजना है जिसमें राज्य सरकार को गारंटर के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी.

योगी आदित्यनाथ के इस कदम का अयोध्या के संतो और महंतों ने स्वागत तो किया है लेकिन आपत्ति भी दर्ज कराई है. उनका कहना है कि अयोध्या का विस्तारीकरण व उसका विकास तो ठीक है लेकिन अयोध्या को अयोध्या ही रहने दिया जाए न्यू अयोध्या की जरुरत नहीं है. वहीं रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि अयोध्या में बिना राम मंदिर निर्माण के अयोध्या का विकास संभव नहीं है.