मंथन न्यूज़ - मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से किसान संतुष्ट हैं या नहीं, सरकार इसका सर्वे कराएगी। इसके लिए अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
योजना के क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। समिति किसानों के डाटाबेस की पुष्टि करेगी। इसके बाद ही किसान को उत्पादकता प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। विवाद की सूरत में समिति 15 दिन में निराकरण करके राशि नए खाते में जमा कराएगी।
प्रदेश में सरकार पहली बार उत्पादकता प्रोत्साहन के नाम पर किसानों को प्रति क्विंटल 265 से लेकर 100 रुपए प्रति क्विंटल तक देने जा रही है।
प्रमुख सचिव कृषि डॉ.राजेश राजौरा ने बताया कि पिछले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं और धान बेचने वालों को प्रति क्विंटल 200 रुपए, इस साल गेहूं बेचने वालों को 265 रुपए और चना, मसूर और सरसों बेचने वाले पंजीकृत किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। समिति किसानों के डाटाबेस का परीक्षण करके पुष्टि करेगी। किसानों के बैंक खातों में राशि जमा होगी और इसकी सूचना बाकायदा एसएमएस के जरिए दी जाएगी।

Post a Comment