नई शिक्षा नीति को लेकर राज्यों के साथ होगी अभी और चर्चा

old school 26 02 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -नई शिक्षा नीति के मसले पर सरकार पूरी तसल्ली और ठोस कदमों के साथ ही आगे बढ़ना चाहती है। यही वजह है कि नई नीति आने से पहले ही मंत्रालय के भीतर इस बात की तैयारी तेज हो गई है। सरकार अभी इस नीति को लेकर राज्यों के साथ चर्चा करेगी। हालांकि इससे पहले मंत्रालय खुद भी आने वाली नई शिक्षा नीति का अध्ययन करेगा। बाद में उसे राज्यों के साथ साझा किया जाएगा। नई शिक्षा नीति को लेकर यह हलचल उस समय है, जब 31 मार्च को उसका ड्राफ्ट आने वाला है।
सूत्रों की मानें तो राज्यों के साथ होने वाली इस बैठक का प्रारूप तो तय हो गया है, लेकिन बैठक कब होगी, इसका फैसला ड्राफ्ट आने के बाद ही होगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तैयार करने का जिम्मा सरकार ने इसरो के पूर्व प्रमुख के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में गठित कमेटी को सौंपा है। कमेटी ने साल भर शिक्षा नीति पर काम किया है। हालांकि सरकार इस बीच उनके कार्यकाल को और तीन महीने बढ़ा चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट अब 31 मार्च तक आ जाएगी।

सूत्रों की मानें तो राज्यों के साथ चर्चा इसलिए भी जरूरी है कि शिक्षा राज्यों से संबंधित विषय है। ऐसे में उनकी सहमति के बगैर इसे जमीनी स्तर पर लागू करने में दिक्कत होगी। यही वजह थी कि नीति से जुड़े कई अहम सुझाव राज्यों की अगुआई वाली कमेटी से ही लिए गए हैं। गौरतलब है देश में पहली बार वर्ष 1986 में राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा नीति बनाई गई थी, बाद में वर्ष 1992 में इनमें कुछ बदलाव किए गए।