पूनम पुरोहित मंथनन्यूज़ दिल्ली - नोटबन्दी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और आर्थिक मामलों को लेकर पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरमने केंद्र सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने वित्तमंत्री अरुण जेटली के लिए कहा कि जेटील फ्लॉप रहे हैं और मैं उनकी जगह होता तो इस्तीफ दे देता।
चिदंबरम भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उन्होंने चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र सरकार राजकोषीय घाटे को कम करने में फेल रही है। जेटली ने बजट को लेकर कहा, 'बजट 2018-19 की वजह से आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ेगी।'
उन्होंने कहा कि सरकार को कच्चे तेल के कीमतों में कमी का फायदा मिल रहा है, लेकिन आम आदमी इससे सुख से बहुत दूर है। उन्होंने अनुमान लगाया कि राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.3 फीसदी रहेगा। इतना ही नहीं राजस्व और व्यय की हालत ठीक न होने की वजह से लक्ष्य पाना मुश्किल होगा।
'ये वो जीएसटी नहीं जो हम लाना चाहते थे'
चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार वो जीएसटी नहीं लेकर आई है, जो कांग्रेस लाना चाहती थी। कांग्रेस 18 टैक्स के प्रावधान लेकर आने वाली थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। बजट को लेकर इससे पहले भी कई बार चिंदबरम सवाल खड़े कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार ने बजट में मिडिल क्लास को कोई राहत नहीं दी। एनडीए सरकार को मेहनतकश मिडल क्लास पर ज्यादा टैक्स लगाने की बजाय अमीर घरानों पर ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा 'मौजूदा सरकार को भविष्य में आंकड़ों से छेड़छाड़ कर तथ्यों को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने वाली सरकार कहा जाएगा। सरकार जीडीपी बढ़ने का दावा पेश करती है लेकिन दूसरी तरफ देश में रोजगार हर दिन घट रहे हैं।'

उन्होंने कहा कि सरकार को कच्चे तेल के कीमतों में कमी का फायदा मिल रहा है, लेकिन आम आदमी इससे सुख से बहुत दूर है। उन्होंने अनुमान लगाया कि राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.3 फीसदी रहेगा। इतना ही नहीं राजस्व और व्यय की हालत ठीक न होने की वजह से लक्ष्य पाना मुश्किल होगा।
'ये वो जीएसटी नहीं जो हम लाना चाहते थे'
चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार वो जीएसटी नहीं लेकर आई है, जो कांग्रेस लाना चाहती थी। कांग्रेस 18 टैक्स के प्रावधान लेकर आने वाली थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। बजट को लेकर इससे पहले भी कई बार चिंदबरम सवाल खड़े कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार ने बजट में मिडिल क्लास को कोई राहत नहीं दी। एनडीए सरकार को मेहनतकश मिडल क्लास पर ज्यादा टैक्स लगाने की बजाय अमीर घरानों पर ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा 'मौजूदा सरकार को भविष्य में आंकड़ों से छेड़छाड़ कर तथ्यों को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने वाली सरकार कहा जाएगा। सरकार जीडीपी बढ़ने का दावा पेश करती है लेकिन दूसरी तरफ देश में रोजगार हर दिन घट रहे हैं।'

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