2 फरवरी को किसानों का मेगा शो करेंगे सीएम, ब्याज माफी की घोषणा संभव

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ शिवपुरी 07feb 2018 -कोलारस और मुंगावली उपचुनाव के मतदान से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 12 फरवरी सोमवार को भोपाल में किसानों का बड़ा सम्मेलन करेंगे। इसमें बहुप्रतीक्षित कृषक समाधान योजना (ब्याज माफी) की घोषणा हो सकती है। किसानों के बकाया बिजली बिलों को फ्रीज कर नियमित बिल चुकाने की योजना लागू किए जाने का ऐलान भी हो सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य घोषणाएं भी हो सकती हैं।
farmer mega show 201827 73858 06 02 2018सूत्रों के मुताबिक राजधानी के जंबूरी मैदान पर आयोजित होने वाले किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान की शेष राशि किसानों के खाते में डालेंगे।
बताया जा रहा है कि करीब पांच सौ करोड़ रुपए छह लाख किसानों के खातों में जमा कराए जाएंगे। इसके साथ ही रबी फसलों में भावांतर भुगतान फसल योजना लागू रखने का अधिकारिक ऐलान भी सम्मेलन में होगा। सरकार ने तय किया है कि चना, मसूर, सरसों और प्याज में भी भावांतर दिया जाएगा। यह सुविधा सिर्फ पंजीकृत किसानों को मिलेगी।
इसके लिए पंजीयन 12 फरवरी से ही शुरू किया जाएगा। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्याज में भावांतर देने के साथ जो किसान अभी फसल नहीं बेचना चाहते हैं उन्हें बिक्री अवधि में उपज गोदाम में रखने पर प्रति क्विंटल 8 से 10 रुपए का अनुदान भी दिया जा सकता है। यही व्यवस्था खरीफ फसलों में भी लागू की गई थी। इससे किसानों को अपने मुताबिक बाजार भाव होने पर उपज बेचने में मदद मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार सहकारिता विभाग ने बताया कि कृषक समाधान योजना का मसौदा बनाकर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। इसके दायरे में पांच से छह लाख किसान आ सकते हैं। सहकारी संस्थाओं से कर्ज लेकर उसे न चुका पाने वाले किसानों का ब्याज माफ कर मूलधन चुकाने पर जीरो परसेंट ब्याज पर कर्ज मिलना शुरू हो जाएगा।
मूलधन एक से लेकर तीन किस्तों में चुकाने पर यह सुविधा मिलेगी। पहले साल किसानों को बिना ब्याज के कर्ज में राशि नहीं, बल्कि सामग्री दी जाएगी। ताकि योजना का दुरुपयोग न हो। हालांकि वित्त विभाग से योजना को अभी हरी-झंडी मिलना बाकी है, क्योंकि सहकारी बैंकों को ब्याज का नुकसान होगा।
यह नुकसान कौन और कितना उठाएगा, यह फार्मूला अभी तय होना बाकी है क्योंकि सरकार सहकारी बैंकों को ब्याज अनुदान देकर जीरो परसेंट पर कर्ज देने में होने वाले नुकसान की भरपाई करती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कई आम सभाओं में कृषक समाधान योजना लागू किए जाने की घोषणा कर चुके हैं।
न बिजली कनेक्शन कटेंगे और न बनेंगे प्रकरण
सूत्रों का कहना है कि किसानों के बकाया बिजली बिलों को फ्रीज करते हुए नियमित बिल अदायगी की सुविधा देने की योजना भी लागू करने की तैयारी है। इसमें किसानों से फिलहाल पुराने बिजली बिल नहीं वसूले जाएंगे। दरअसल, बकाया बिल चढ़ते-चढ़ते इतनी राशि हो चुकी है कि किसान अदा ही नहीं कर सकता है।
इसके चलते कंपनियों ने न सिर्फ बिजली कनेक्शन काट दिए हैं, बल्कि वसूली के लिए प्रकरण बनाने और नीलामी जैसी कार्रवाई भी हो रही हैं, जिसका बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री के निर्देश पर ऊर्जा विभाग ने योजना का खाका तैयार किया है।