पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल 12feb 2018 -अध्यापक, पंचायत सचिव और किसानों के बाद राज्य सरकार बेरोजगारों को साधने की जुगत में लग गई है। पांच साल से अटकी संविदा शाला शिक्षक चयन परीक्षा सरकार हर हाल में अगस्त से पहले कराने की कोशिश कर रही है। तीन चरणों में होने वाली इस परीक्षा को स्कूल शिक्षा विभाग मार्च से शुरू करने की रणनीति बना चुका है। पहले चरण में वर्ग-एक के 10 हजार 905 पदों के लिए परीक्षा कराई जाएगी।
प्रदेश में शिक्षकों के 70 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। पांच साल से संविदा शिक्षकों की भर्ती भी नहीं हुई है। मंत्रिपरिषद ने डेढ़ साल पहले 31 हजार 658 पदों पर भर्ती की मंजूरी दी है, लेकिन सरकार इस अवधि में भर्ती नियम भी फाइनल नहीं कर पाई। अब परीक्षा कराने की कोशिशें तेज हुई हैं।
प्रदेश में शिक्षकों के 70 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। पांच साल से संविदा शिक्षकों की भर्ती भी नहीं हुई है। मंत्रिपरिषद ने डेढ़ साल पहले 31 हजार 658 पदों पर भर्ती की मंजूरी दी है, लेकिन सरकार इस अवधि में भर्ती नियम भी फाइनल नहीं कर पाई। अब परीक्षा कराने की कोशिशें तेज हुई हैं।
विभाग ने नया शेड्यूल तय किया है। इसके मुताबिक संविदा शाला शिक्षक वर्ग-एक की चयन परीक्षा मार्च, वर्ग-दो की परीक्षा अप्रैल और वर्ग-तीन की परीक्षा जून या जुलाई में कराई जाएगी। विभाग ये प्रस्ताव प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) को भेज रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।
बोर्ड पहले से तैयार
संविदा शिक्षक की चयन परीक्षा को लेकर पीईबी पहले से तैयार है। बोर्ड को सिर्फ प्रस्ताव और परीक्षा कराने के लिए अधिकतम एक माह का समय चाहिए है। चूंकि मामला सरकार की प्राथमिकता से जुड़ा है। इसलिए बोर्ड पहले से तैयारी पूरी किए हुए है।
वर्ग-दो के पद सबसे ज्यादा
स्कूल शिक्षा विभाग और पीईबी दोनों संविदा शिक्षक वर्ग-तीन की परीक्षा को महत्वपूर्ण मानकर चल रहे हैं। इस परीक्षा में सबसे अधिक (12 से 15 लाख) उम्मीदवार शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। जबकि सबसे कम 9 हजार 540 पद वर्ग-तीन में ही हैं। सबसे ज्यादा 11 हजार 200 पद वर्ग-दो में हैं। जबकि दूसरे क्रम में वर्ग-एक है, इसमें 10 हजार 905 पद हैं।
सभी संशोधन हुए
संविदा शिक्षक चयन परीक्षा के भर्ती नियम में सभी संशोधन कर लिए गए हैं। हाल ही में प्रदेश के अंदर और बाहर के अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की उम्र का संशोधन हुआ है। इसमें प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थियों के लिए आयुसीमा 18 से 25 साल रखी गई है। इससे पहले अतिथि शिक्षकों के लिए पद आरक्षित करने सहित भर्ती नियमों में छह बार संशोधन किया जा चुका है।

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