स्‍कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में नकल के प्रकारों पर चर्चा

पुनम पुरोहित मंथन न्युज-स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की समीक्षा के लिए बुधवार को राजधानी में बुलाई गई समीक्षा बैठक में विभाग के आला अफसरों ने बताया कि मास्टर कैसे नकल कराते हैं।

आयुक्त लोक शिक्षण नीरज दुबे ने कहा कि कई बार मास्टर ही '2712 रोल नंबर कमरे में है या नहीं" बोल जाता है और कक्ष में बैठे परीक्षार्थियों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न हल हो जाते हैं। आयुक्त, विभाग के मंत्री विजय शाह और प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुकर्जी को बता रहे थे कि प्रदेश में किस-किस तरह से नकल कराई जाती है।

प्रशासन अकादमी में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी संभागों के संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण) और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मौजूद थे। यहां बोर्ड परीक्षा में नकल पर नकेल कसने की बात शुरू हुई तो अफसरों ने अलग-अलग तरीके बताना शुरू किए। एक अफसर ने कहा कि बाहरी लोग खिड़की में से मोबाइल नंबर जैसे कुछ नंबर बोल देते हैं। इसी से परीक्षार्थियों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न हल हो जाते हैं। इस पर आयुक्त लोक शिक्षण ने अंदर की कहानी बयां कर दी। यहां डीईओ ने मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल के एक नियम पर आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि मंडल ने परीक्षा केंद्रों में सभी मोबाइल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। यदि ऐसा किया तो पेपर खुलने सहित अन्य सूचनाएं वरिष्ठ कार्यालयों को कैसे भेजेंगे। करीब छह घंटे चली मैराथन बैठक में एक उप संचालक को बैठक का वीडियो बनाने पर मंत्री की फटकार भी झेलनी पड़ी। यहां पाठ्यपुस्तक, साइकल और ड्रेस वितरण, पानी, शौचालय की समस्या, संविदा शिक्षक भर्ती परीक्षा सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।

पौने दो साल बाद परिणाम में ठोस सुधार की याद आई

नौवीं-11वीं की परीक्षा शुरू होने और बोर्ड परीक्षा के ठीक पहले मंत्री शाह को परीक्षा परिणाम में सुधार के ठोस प्रयास करने की याद आई है। उन्होंने समीक्षा बैठक में अफसरों को परिणाम में ठोस सुधार के निर्देश दिए। ज्ञात हो कि एक मार्च से हायर सेकंडरी और पांच मार्च से हाईस्कूल परीक्षा शुरू हो रही है। जबकि नौवीं और 11वीं की परीक्षा पहले ही शुरू हो चुकी है। शाह को मंत्री बने पौने दो साल हो गए हैं।

क्या सीपीआई ने कहा- वीडियो बनाओ

बैठक में अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना रहे उप संचालक एसके परसाई को मंत्री शाह ने जमकर फटकार लगाई। गुस्साए मंत्री ने कहा कि वीडियो बनाने को किसने कहा? क्या सीपीआई ने कहा है? मंत्री के तेवर देख हॉल में सन्ना टा पसर गया।

करीब पांच मिनट मंत्री ने खरी-खोटी सुनाई। यह दूसरा मामला है, जब मंत्री की बैठक में किसी अफसर ने वीडियो बनाया हो। पिछले साल विधानसभा के प्रश्नों का जवाब देने से पहले ब्रीफिंग के लिए बुलाए गए विदिशा डीईओ एचएन नेमा ने वीडियो बनाया था। तब मंत्री ने नेमा को निलंबित करने को कहा था। बाद में नेमा को नोटिस देकर यह मामला शांत कर दिया था।

एप से दाखिल होगी हाजिरी वरना वेतन नहीं

शिक्षकों की हाजिरी पर मंत्री शाह ने एक अप्रैल से एम शिक्षा मित्र एप से अनिवार्य रूप से हाजिरी लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एप के माध्यम से जिसकी हाजिरी दर्ज नहीं होगी, उसका वेतन नहीं निकलेगा। उन्होंने अफसरों ने कहा कि सख्ती करनी पड़ेगी। लोग तरह-तरह के हथकंडे अपनाएंगे, लेकिन अब कोई समझौता नहीं होगा।

उत्कृष्ट स्कूलों में खुलेंगे छात्रावास

प्रदेश में छात्र-छात्राओं के लिए जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों में सौ-सौ सीटर छात्रावास खुलेंगे। मंत्री ने स्कूल परिसर से अतिक्रमण हटाने को भी कहा