शिवराज मंत्रिमंडल विस्तारः ये है एमपी की राजनीति का 'पावर हाउस'

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल 03feb2018-
कहा जाता है कि मध्य प्रदेश में सत्ता का रास्ता मालवा और निमाड़ से आता है, लेकिन शिवराज कैबिनेट में दबदबा तो ग्वालियर और चंबल संभाग का है. ताजा मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद अब शिवराज कैबिनेट में इस अंचल से मंत्रियों की संख्या सात हो गई हैं. इसके अलावा ग्वालियर सीट से ही सांसद नरेंद्र सिंह तोमर के नरेंद्र मोदी कैबिनेट का हिस्सा होने से इस अंचल का मध्य प्रदेश भाजपा की राजनीति में काफी रसूख है.

शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट में शनिवार को शामिल किए गए तीन मंत्रियों में से एक नारायण सिंह कुशवाह ग्वालियर दक्षिण से विधायक हैं. कुशवाहा की ताजपोशी के साथ ही ग्वालियर और चंबल अंचल का राज्य की राजनीति में दबदबा और बढ़ गया है. कुशवाहा के पहले इस अंचल से आने वाले छह भाजपा विधायक शिवराज कैबिनेट में रसूखदार मंत्री है.
शिवराज सरकार के 'सचिन तेंदुलकर' यानी संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया से विधायक है.
शिवपुरी से विधायक और सिंधिया घराने की नुमाइंदगी करने वाली यशोधराराजे सिंधिया भी राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.
ग्वालियर जिले से विधायक माया सिंह के पास नगरीय प्रशासन जैसा महत्वपूर्ण महकमा है.
इसी जिले से आने वाले फायर ब्रांड नेता जयभान सिंह पवैया को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
भिंड जिले के गोहद से विधायक लाल सिंह आर्य यूं तो राज्य मंत्री है, लेकिन शिवराज सरकार के सबसे बड़े दलित चेहरा है.
मुरैना जिले से विधायक रुस्तम सिंह राजनीति में बैकफुट जाने के बाद एक बार फिर जोरदार वापसी करते हुए स्वास्थ्य मंत्री बने.