पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फटकार के बाद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने की कवायद में तेजी आ गई है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बनारस समेत कई जिलों के डीएम और डीआईओएस को कड़ी फटकार लगाई थी। सीएम ने कहा था कि नकल हुई तो इसके जिम्मेदारी डीएम, डीआईओएस और जेडी होंगे। ऐसे में उन्हें अपनी जिम्मेदारियां तय करने को कहा था।सीसीटीवी कैमरे से लेकर सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को फर से एक सिरे से चुस्त दुरुस्त करने में तेजी आ गई है। अधिकारियों की अलग अलग टीमें परीक्षा केंद्रों पर जाकर एक बार फिर से तैयारियों का जायजा लेगी और भौतिक सत्यापन करेंगी।
संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर नजर रखने के लिए जोनल से लेकर सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैयारी कर दी गई है। उन्हें कड़े निर्देश दिए गए हैं। उधर तैयारियों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी ने एक बार फिर से तीन फरवरी को केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक बुलाई है। इस लिहाज से बुधवार को अधिकारियों ने कमर कस ली है।
संयुक्त निदेशक शिक्षा ने वाराणसी मंडल के चार जिलों के अतिसंवेदनशील और संवेदनशील परीक्षा केंद्रों के लिए सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी है। वहीं मंडल स्तर पर पांच सचल दस्तों का गठन किया गया है।
जेडी को निर्देशित किया गया है कि वो स्वयं सभी परीक्षा केंद्रों का जायजा लें। परीक्षा हर हाल में सीसीटीवी कैमरे की नजर में हो और उसकी रिकॉर्डिगिं होनी चाहिए। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया गया है कि वो हर हाल में नकल रोकें।

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