पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली 30jan 2018 -महिला संगठनों और देश के 60 अर्थशास्त्रियों की अपील के बावजूद इस बार के बजट में मातृत्व लाभ योजना की राशि बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। क्योंकि महिला व बाल विकास विभाग ने सरकार के पास ऐसी कोई मांग नहीं भेजी है।
पिछले साल प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) को 25 सौ करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। 2017 के बजट की घोषणा के दौरान योजना को 27 सौ करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई थी, लेकिन बाद में इसे सीमित करके 25 सौ करोड़ कर दिया गया।
इस बार भी योजना को इतनी ही रकम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। योजना के तहत पहले बच्चे के जन्म पर महिला को छह हजार रुपये की सहायता दी जाती है।
नीति आयोग ने सरकार से अपील की थी कि योजना का लाभ केवल पहले बच्चे के जन्म तक सीमित न रखा जाए, लेकिन प्रधानमंत्री दफ्तर ने इस सिफारिश को खारिज कर दिया था, क्योंकि इससे योजना का खर्च बढ़ने की आशंका थी।

Post a Comment