पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल , 01 Feb 2018-सरकार के कामकाज पर विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाते हैं और अविश्वास प्रस्ताव लाकर उसकी नीतियों, काम व कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर किया जाता है। मगर अब जल्द ही सरकार के काम को बताने के लिए 'विश्वास प्रस्ताव" लाने मध्यप्रदेश विधानसभा में नियम बनाए जा रहे हैं। इसके लिए विधानसभा सचिवालय प्रस्ताव बना रहा है।
मप्र विधानसभा में अब तक सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की परंपरा रही है। प्रदेश में अब तक रहे 12 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ 27 बार अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है। सूत्र बताते हैं कि अब अपने खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव लाने की परंपरा के साथ सरकार के समर्थन में 'विश्वास प्रस्ताव" लाने की परंपरा भी शुरू करने की तैयारी में है। विधानसभा सचिवालय में इस तरह के एक प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए नया नियम बनाने की जरूरत है।
गौरतलब है कि देश की राज्य विधानसभाओं में 'विश्वास प्रस्ताव" लाने के परंपरा की शुरुआत बिहार विधानसभा से हुई है। वहां विधानसभा अध्यक्ष विजयकुमार चौधरी ने इसकी पहल की और नया नियम बनाया। हाल ही में राजस्थान विधानसभा में भी नियम बनाकर सरकार द्वारा विश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने की परंपरा आरंभ की गई है।
प्रदेश में किस मुख्यमंत्री के कार्यकाल में कितने अविश्वास प्रस्ताव
1. कैलाशनाथ काटजू- दो
2. भगवंतराव मंडलोई- एक
3. द्वारिका प्रसाद मिश्र- चार
4. गोविंदनारायण सिंह- दो
5. श्यामाचरण शुक्ल- दो
6. प्रकाशचंद सेठी- दो
7. वीरेंद्र कुमार सखलेचा- एक
8. अर्जुन सिंह- पांच
9. मोतीलाल वोरा- दो
10. सुंदरलाल पटवा- दो
11. दिग्विजय सिंह- तीन
12. शिवराज सिंह चौहान- एक
नियम संशोधन की तैयारी
अब साझा सरकारें बनने लगी हैं तो सरकारों को भी अपने कामकाज को सदन में प्रस्तुत करने के लिए 'विश्वास प्रस्ताव" का मौका मिलना चाहिए। इसके लिए मप्र विधानसभा सचिवालय में नियमों में संशोधन करने की तैयारी है। जल्द ही नियम बनाकर समिति के समक्ष पेश किए जाएंगे।
- डॉ. सीतासरन शर्मा, मप्र विधानसभा अध्यक्ष

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