पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली 13feb 2018 -प्रदेश के एक दर्जन जिलों में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र (पीओपीएसके) खोलने दिल्ली से मिले अल्टीमेटम के बाद डाक विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। भोपाल से विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने भी होशंगाबाद, छिंदवाड़ा और देवास पहुंचकर मुख्य डाकघरों का सर्वे किया। मंत्रालय ने नौ टीमें गठित की है
दिल्ली से वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश मिलते ही सभी शहरों के मुख्य डाकघरों का सर्वेक्षण शुरू हो गया है। दोनों विभाग के अधिकारियों ने होशंगाबाद, छिंदवाड़ा और देवास के मुख्य पोस्ट ऑफिस का दौरा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
विदेश मंत्रालय और संचार मंत्रालय के स्तर पर यह तय हुआ है कि मार्च के प्रथम सप्ताह तक मप्र में दूसरे चरण के तहत एक दर्जन शहरों में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र खोले जाएं।
दिल्ली से वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश मिलते ही सभी शहरों के मुख्य डाकघरों का सर्वेक्षण शुरू हो गया है। दोनों विभाग के अधिकारियों ने होशंगाबाद, छिंदवाड़ा और देवास के मुख्य पोस्ट ऑफिस का दौरा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
बताया जाता है कि क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी नीलेश श्रीवास्तव ने विभागीय स्तर पर नौ टीमें गठित की हैं। इन्हें अलग-अलग शहरों का काम सौंपा गया है। डाक विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने पासपोर्ट अधिकारी को इन शहरों के डाकघर में मौजूद स्थान और व्यवस्थाओं आदि का ब्योरा दिया है।
उल्लेखनीय है कि पीओपीएसके के लिए दूसरे चरण में जिन शहरों को शामिल किया जा रहा है, उनमें छिंदवाड़ा, बालाघाट, उज्जैन, देवास, रतलाम, सिवनी, सीधी, शिवपुरी, होशंगाबाद, सीहोर, बैतूल एवं दमोह भी हैं।
इन सभी शहरों के मुख्य डाकघर में जगह, स्टाफ, फर्नीचर और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने सभी डाकघरों में ले आउट संबंधी आंशिक फेरबदल पर विचार-विमर्श कर अगले महीने आवेदन स्वीकार करने की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इसके लिए डाक विभाग के कर्मचारियों को जरूरी ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

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