पांच-छह विद्यार्थियों का प्रतिनिधिमंडल स्पीकर के पास मंगलवार दोपहर पहुंचा। उन्होंने कहा कि अरसे से कैंपस निर्माण का काम पूरा नहीं हुआ। साथ में शुरू हुए देश के अन्य आईआईटी के मुकाबले इंदौर सबसे पीछे चला गया है लेकिन एमएचआरडी को कैंपस पूरा होने की झूठी रिपोर्ट पहले ही पहुंचा दी गई है। मेस में खराब खाना दिया जा रहा है। इस पर निदेशक प्रो. प्रदीप माथुर के निर्देश पर प्रोफेसरों ने विद्यार्थियों को फेल करने की खुली धमकी दी है। मेस की अव्यवस्था उठाने पर हमारे पालकों को बुलाकर नोटिस दिया गया है। मनमानी करते हुए पीएचडी में पब्लिकेशन की संख्या भी दोगुनी कर दी है। ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पहले से बदहाल थी। अब फरवरी से बसें पूरी तरह से बंद करने का ऐलान कर दिया गया है। अधूरे कैंपस और निर्माण कार्य के बीच खतरा उठाकर कक्षाएं लगाई जा रही हैं। आरोप लगाया कि संस्थान का प्रशासन मेस कांट्रेक्टर और हॉस्टल वाली निजी टाउनशिप को फायदा पहुंचाने के लिए विद्यार्थियों को दरकिनार कर रहा है। न केवल विद्यार्थी बल्कि शिक्षक और आईआईटी के कई अधिकारी भी शिकायत कर चुके हैं लेकिन एमएचआरडी की ओर से कार्रवाई नहीं हो रही। ऐसे में कई लोग आईआईटी छोड़कर चले गए।

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