यह लोकतंत्र की हत्या
इस मामले को लेकर झा ने बयान दिया कि हम जान को जोखिम में डालकर काम करते हैं। मौत से हम डरते नहीं, लेकिन सिंधिया की उपस्थिति में इस तरह का कोई साहस करे और उसको हतोत्साहित करने की जगह उत्साहित किया जाए तो मुझे लगता है कि यह लोकतंत्र की हत्या है। चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। इसलिए चुनाव आयोग से मांग की है कि 24 तारीख तक सतर्कता के लिए सुरक्षा की बढ़ोत्तरी की जाए और दूसरा इसकी जांच की जाए और तीसरा दीपक परिहार पर कार्रवाई कर एफआई दर्ज की जाए।
मुझे कुछ हुआ तो सिंधिया होंगे जिम्मेदार
प्रभात झा ने कहा कि इस चुनाव के दौरान अगर उन्हें कुछ भी होता है तो उसके जिम्मेदार सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया होंगे। झा ने कहा कि जब सिंधिया जिस मंच पर मौजूद हो और उनके सामने इस तरह की बातें की जाएं तो जान का खतरा सबको रहता है लेकिन हम डरते नहीं है लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है। प्रभात झा ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए सांसद सिंधिया ने बाहर से असामाजिक तत्वों को बुलाकर जिम्मेदारी सौंप रखी है। वहीं कोलारस और मुंगावली में चुनाव की बागदौर संभाले हुए हैं। जब झा से पूछा कि यह असामाजिक तत्व कहां के हैं तो उन्होंने कहा कि सांसद सिंधिया ने भिंड, मुरैना, सुमावली, ग्वालियर, जौरा से इन लोगों को बुलाया है।
सड़ा-गला सांसद भी सिंधिया से बेहतर
झा ने सिंधिया पर प्रहार बोलते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं कराए हैं। जो काम वो गिनाते हैं, उससे अधिक काम तो सड़ा-गला सांसद भी कर सकता है। झा ने कांगे्रस महासचिव दीपक बावरिया के उस कथित बयान को लेकर भी प्रहार किया, जिसमें उन्होंने राज्यपाल आनंदी बेन को भाजपा का एजेंट बताया था। उन्होंने कहा कि यह संविधान का अपमान है। इस मामले में सरकार से केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
सिंधिया की अंगुली काटने की दे चुके हैं धमकी
कार्यकर्ताओं द्वारा इस तरह के बयानों से भाजपा भी अछूती नहीं है। कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री के पुत्र कार्तिकेय की मौजूदगी में कोलारस में किरार समाज के सम्मेलन के दौरान समाज के अध्यक्ष ने मंच से बयान दिया था कि मुख्यमंत्री पर अंगुली उठाने वाले सिंधिया की अंगुली काट दी जाएगी।

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