संगठन के अध्यक्ष डॉ आनंद मिश्रा ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन अकेले अतिथि विद्वानों का ही नहीं है वरन हमारे इस आंदोलन में कॉलेज के छात्र छात्राएं भी शामिल हैं। पीएससी की परीक्षा आयोजित होने से हमारा तो भविष्य ही बिगड़ जाएगा। कुछ लोग 20 सालों से महाविद्यालय में सेवाएं दे रहे है उनका मुकाबला पीएससी में नए लोगों से कैसे हो सकता है इसलिए विरोध स्वरूप यह प्रदर्शन किया गया। और सोमवार को प्रदेश के इतिहास का काला दिवस मनाया। इस दौरान एक ज्ञापन भी दिया गया जिसमें इन अतिथि विद्वानों ने बताया कि यह प्रदर्शन महासंघ मप्र के तत्वावधान में नियमितीकरण एवं पीएसी परीक्षा को निरस्त कराने की मांग को लेकर किया गया ।
नियमित करो, पीएससी निरस्त करो.
संगठन के अध्यक्ष डॉ आनंद मिश्रा ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन अकेले अतिथि विद्वानों का ही नहीं है वरन हमारे इस आंदोलन में कॉलेज के छात्र छात्राएं भी शामिल हैं। पीएससी की परीक्षा आयोजित होने से हमारा तो भविष्य ही बिगड़ जाएगा। कुछ लोग 20 सालों से महाविद्यालय में सेवाएं दे रहे है उनका मुकाबला पीएससी में नए लोगों से कैसे हो सकता है इसलिए विरोध स्वरूप यह प्रदर्शन किया गया। और सोमवार को प्रदेश के इतिहास का काला दिवस मनाया। इस दौरान एक ज्ञापन भी दिया गया जिसमें इन अतिथि विद्वानों ने बताया कि यह प्रदर्शन महासंघ मप्र के तत्वावधान में नियमितीकरण एवं पीएसी परीक्षा को निरस्त कराने की मांग को लेकर किया गया ।

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