MP : अब जिला अस्पतालों में रोज बदलेगा चादरों का रंग

demo sheet 10 02 2018पूनम पुरोहित  मंथन न्यूज़ भोपाल 11feb 2018 - सरकारी अस्पतालों में चादर, तकिया डॉक्टर-नर्स के ड्रेस से लेकर ज्यादातर चीजों के रंग आपको सफेद ही मिलते हैं। लेकिन, सालों पुरानी यह परंपरा अब बदलने जा रही है। जिला अस्पतालों में चादर-तकिया हर दिन अलग-अलग रंग के बिछाए जाएंगे।
भोजन के मीनू की तरह हर दिन के लिए रंग तय कर दिए जाएंगे। प्रदेश भर में किसी दिन पिंक डे होगा तो किसी दिन ग्रीन डे। कर्नाटक के बाद मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला का दूसरा राज्य बनने जा रहा है।
हफ्ते के सात दिन के लिए सात अलग-अलग रंग के चादर खरीदे जाएंगे। हर दिन अलग रंग का चादर बिछाया जाएगा। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की तरफ से यह तय किया जाएगा कि किस दिन किस रंग की चादर बिछाई जाएगी। इस तरह सभी जिला अस्पतालों में एक दिन एक रंग के चादर-तकिया मरीजों को दिए जाएंगे।
अभी तक सफेद चादर बिछाए जाते हैं, लिहाजा यह पता करना मुश्किल होता है कि चादर या तकिया कवर बदला गया या नहीं। नहीं बदलने की स्थिति में मरीजों को वायरस, बैक्टीरिया और फंगस इंफेक्शन का डर रहता है। रंगीन चादर के पीछे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का दूसरा तर्क यह है कि मरीजों को रंगीन चादर-तकिया सफेद के मुकाबले अच्छे लगेंगे।
20 गुना हो सकता है बजट
अस्पतालों की क्वालिटी सुधारने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) और कायाकल्प योजना शुरू की है। क्वालिटी सुधारने के लिए मध्यप्रदेश का सालभर का बजट करीब 6 करोड़ होता था, लेकिन 2018-19 में क्वालिटी पर ज्यादा फोकस रहेगा। इस वित्तीय वर्ष में बजट 120 करोड़ तक करने की तैयारी है।
इसके लिए बनाए जा रहे प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन प्लान (पीआईपी) की पिछले महीने भोपाल में हुई बैठक में एनएचएम के केन्द्रीय अधिकारियों ने भी बजट बढ़ाने की मौखिक तौर पर मंजूरी दे दी है। इस राशि से सभी जिला अस्पतालों में मैकेनाइज्ड लांड्री, भोपाल समेत 16 जिला अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट, हर दिन रंगीन-चादर तकिया व इंफेक्शन कंट्रोल के अन्य उपाय किए जाएंगे।
ऐसे होगी निगरानी
अलग-अलग चरणों में जिला अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनके फुटेज के जरिए एनएचएम व स्वास्थ्य संचालनालय के अफसर यह देख सकेंगे कि रंग विशेष के लिए तय दिन पर दूसरे रंग की चादर तो नहीं बिछा दी गई है। निरीक्षण के दौरान भी पहली नजर में यह पकड़ में आ जाएगा कि चादर बदली है या नहीं।
प्रदेश में जिला अस्पताल- 51
बिस्तरों की संख्या- 13800
इनका कहना है
जिला अस्पतालों में हर दिन अलग-अलग रंग के चादर होने के बाद रोज चादर नहीं बदली तो पता चल जाएगा। इससे संक्रमण रोकने में मदद मिलेगी। अप्रैल से यह व्यस्था लागू करने की तैयारी है। 2018-19 के पीआईपी में इसके लिए प्रस्ताव भेजा है। 
डॉ. पंकज शुक्ला डिप्टी डायरेक्टर, एनएचएम
कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर की व्यवस्था
कुछ राज्यों में अस्पतालों अपने या फिर स्टेट के बजट से सफेद की जगह रंगीन चादर की व्यवस्था की है। मध्यप्रदेश में भी गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हमीदिया अस्पताल में प्रयोग के तौर पर कुछ रंगीन चादरों को उपयोग शुरू किया गया है, लेकिन हर दिन अलग-अलग चादर बिछाने का नियम नहीं हैं। इसी तरह से भिंड के जिला अस्पताल में भी जिला प्रशासन के सहयोग से सातों दिन अलग-अलग रंग की चादर करीब छह महीने से बिछाई जा रही है। अस्पतालों में इंफेक्शन कंट्रोल के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अब इसमें सहयोग कर रहा है।
इनका कहना है
स्वास्थ्य राज्य का विषय है। कोई भी राज्य गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इस तरह का प्रयोग शुरू करता है तो हम उसका पूरा सहयोग करेंगे।
डॉ. मनोहर अगनानी ज्वाइंट सेक्रेटरी, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय