नए शिक्षा सत्र से शिक्षक पहनेंगे गणवेश, लगाएंगे राष्ट्रनिर्माता की पट्टी

rastranirmata 2018211 73349 10 02 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल 11feb 2018 -अब डॉक्टर और वकील की तरह प्रदेश के शिक्षक भी खास ड्रेसकोड में नजर आएंगे। जिससे उन्हें आसानी से पहचाना जा सके। इस संबंध में मप्र स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जिसे नए शिक्षा सत्र से लागू किया जा रहा है।
इसके तहत सरकारी स्कूलों के शिक्षक ड्रेसकोड में स्कूल आएंगे। इसमें महिला महरून और पुस्र्ष शिक्षक ब्लू रंग की जैकेट पहनेंगे। साथ ही राष्ट्र निर्माता की नाम पट्टिका भी जैकेट पर लगी रहेगी।
इसका उद्देश्य बच्चों में नैतिक संस्कार का बोध कराना और राष्ट्र निर्माता के रूप में शिक्षकों को पहचान दिलाना है। विभाग का मानना है कि अगर शिक्षकों में गणवेश की एकरूपता रहेगी तो बच्चे भी जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। इस संबंध में मप्र स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव केके द्विवेदी ने आदेश जारी कर नए शिक्षा सत्र से लागू करने कहा है।
छात्रों की तरह शिक्षकों में भी एकरूपता
स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों में एकरूपता दिखाने के लिए खास ड्रेसकोड में नजर आते हैं। वैसे ही अब शिक्षक भी जैकेट पहनकर एकरूपता में नजर आएंगे। साथ ही वकील, डॉक्टर जिस तरह से जैकेट में नजर आते हैं, वैसे ही अब शिक्षकों की भी अलग पहचान होगी।
पट्टी से जिम्मेदारी का होगा अहसास
अधिकारियों के मुताबिक अगर शिक्षक राष्ट्र निर्माता की पट्टी में आएंगे तो उनमें अपनी जिम्मेदारी का अहसास भी होगा, क्योंकि बच्चे देश के भविष्य है, जिनका निर्माता शिक्षक को ही माना जाता है।
उत्तराखंड व झारखंड में भी शिक्षकों के लिए ड्रेसकोड तय
मप्र के साथ कई राज्यों में स्कूलों में भी ड्रेसकोड तय किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी, प्राधानाचार्य, शिक्षक और कर्मचारी आसमानी रंग की शर्ट और गहरे स्टील ग्रे रंग की पैंट पहनेंगे, जबकि महिला शिक्षक व अधिकारी आसमानी रंग की साड़ी या सूट में पहनेंगी। वहीं झारखंड में भी शिक्षकों के लिए ड्रेसकोड तय किया गया है।
इनका कहना है
नए शिक्षा सत्र से शिक्षक गणवेश के साथ राष्ट्र निर्माता की पट्टी में नजर आएंगे। इस दिशा में तैयारी चल रही हैं। 
नीरज दुबे, आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय