पिछले 10 महीने में बीमारू राज्यों की सूची से बाहर हुआ यूपी, देश-विदेश से आएगा निवेश: योगी आदित्यनाथ

yogi adityanath talks about investors summit in uttar pradesh.पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -यूपी पर वर्षों से लगा अभिशाप समाप्त हो गया है। सरकार के बीते 10 माह के प्रयासों से यूपी बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आ गया है। निवेश फ्रेंडली वातावरण बना है, उद्यमियों में विश्वास का माहौल है।’ यह कहना है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। लखनऊ में 21-22 फरवरी को होने वाली इन्वेस्टर्स समिट को लेकर खासे उत्साहित सीएम योगी का कहना है कि इस समिट के बाद देश-विदेश के बड़े औद्योगिक समूह प्रदेश में निवेश के लिए आगे आएंगे। जो भी एमओयू होंगे, उनका लगातार फॉलोअप किया जाएगा। निवेशकर्ताओं के साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ अफसरों को लगाकर उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। सभी क्लीयरेंस सिंगल विंडो से दी जाएंगी। इसकी निगरानी खुद मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा।  योगी ने इन्वेस्टर्स समिट को लेकर राजेंद्र सिंह व महेंद्र तिवारी से विस्तार से बात की... सवाल- यूपी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर इन्वेस्टर्स समिट हो रही है? आपको क्या उम्मीदें हैं?

जवाब-
 खाद्यान्न, गन्ना, दुग्ध उत्पादन और जल संसाधन में यूपी नंबर-वन है। यहां सबसे बड़ा मार्केट है। रोड व एयर कनेक्टिविटी सबसे बेहतर है। इसके बावजूद यूपी बीमारू राज्य की श्रेणी में था। सरकार के प्रयासों से 10-12 सालों में बनी इस छवि से प्रदेश अब मुक्त हो गया है। हमने कानून-व्यवस्था को लेकर बनी धारणा बदल दी। अब हर उद्यमी प्रदेश में निवेश के लिए उत्सुक है।

सवाल- निवेश के लिए किन सेक्टरों पर ज्यादा फोकस है?

जवाब-
 औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने 16 पॉलिसी बनाई हैं। इनमें औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रमोशन नीति, हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क टेक्सटाइल गारमेंटिंग पॉलिसी, आईटी एवं स्टार्ट-अप पॉलिसी, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी, फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी, सिविल एविएशन पॉलिसी, टूरिज्म पॉलिसी, सोलर, एनर्जी पॉलिसी और एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पालिसी मुख्य हैं। नई नीतियों से सभी सेक्टरों को कवर किया गया है। हम निवेशकों को सभी सुविधाएं देंगे।