जानकारी के मुताबिक मप्र कांग्रेस कमेटी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को शिकायत दी थी कि खेल मंत्री यशोधराराजे सिंधिया ने 16 फरवरी को एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में वोट देने की धमकी दी है। उन्होंने कांग्रेस को वोट देने पर गैस चूल्हा नहीं देने और समस्याओं का हल नहीं करने की धमकी दी है। कांग्रेस ने इसके प्रमाण के रूप में एक सीडी भी सौंपी। इस पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शिवपुरी कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी थी। कलेक्टर ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए आमसभा होने की बात को ही झुठला दिया था।
दिल्ली सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने चुनाव आयोग को भेजी रिपोर्ट में माना है कि मंत्री यशोधराराजे ने आचार संहिता का उल्ल्घंन हुआ है। उन्होंने रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि शिवपुरी कलेक्टर ने आचार संहिता उल्ल्घंन नहीं माना है। इसलिए कलेक्टर व एसपी के संबंध में कोई निर्णय लेना चाहेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने यशोधराराजे को नोटिस जारी किया है।
ऐसे हुई शिकायत की जांच
पटवारी से मौके पर जाकर पंचनामा बनाया
इस मामले की जांच पटवारी से कराई गई। एसडीएम ने पटवारी को मौके पर भेजा था। पटवारी ने पंचनामा तैयार कर चार लोगों से बातचीत के आधार पर पंचनामा तैयार कर एसडीएम को सौंप दिया था। जिसमें सिर्फ इतना लिखा है कि मंत्री कुछ देर के लिए आईं थी और कार्यकर्ताओं से भेंट कर चली गईं।
भाजपा कार्यकर्ताओं से चाय पर बातचीत की
एसडीएम ने पटवारी के पंचनामा के आधार पर एक औपचारिक रिपोर्ट कलेक्टर को दी थी। जिसमें कहा गया कि मंत्री ने कार्यकर्ताओं को पार्टी के पक्ष में वोट डलवाने के लिए लोगों को प्रेरित करने की बात कही थी। वे बातचीत के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ चाय पी। मंत्री ने किसी को कोई धमकी नहीं दी।
कलेक्टर को तत्काल हटाया जाए
कोलारस चुनाव में कलेक्टर भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। मंत्री की आमसभा के वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि वे मतदाताओं को धमकी दे रही हैं। कलेक्टर ने उनके बचाव में रिपोर्ट दी है। जबकि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है। इसलिए कलेक्टर को तत्काल हटाया जाना चाहिए। - पंकज चतुर्वेदी, कांग्रेस प्रवक्ता

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