पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल 16feb 2018 - प्रदेश के सूखाग्रस्त 18 जिलों में राहत काम और पेयजल की व्यवस्था बनाने के लिए केंद्र सरकार से 820 करोड़ रुपए का पैकेज मिल सकता है। पिछले दिनों दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात में इसके संकेत मिले हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह बात साझा भी की है। प्रदेश सरकार ने केंद्र से 3 हजार 900 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की मांग की है।
प्रदेश में अल्पवर्षा की वजह से 18 जिलों की डेढ़ सौ से ज्यादा तहसीलें सूखे से प्रभावित हैं। यहां न सिर्फ खरीफ की फसल प्रभावित हुई है, बल्कि रबी की बोवनी भी पूरी तरह नहीं हो सकी है। इसके साथ ही भू-जल स्तर काफी नीचे गिर गया है। इसके कारण पेयजल संकट के हालात बनने लगे हैं।
इसको लेकर प्रदेश सरकार ने जिलों से आए प्रस्तावों के आधार पर केंद्र सरकार को 3 हजार 900 करोड़ रुपए का प्रस्ताव अक्टूबर 2017 में भेजा था। सूखे की स्थिति को देखने के लिए केंद्र सरकार ने अध्ययन दल भी भेजा था। दल ने मैदानी स्थिति का जायजा लेने के साथ मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। सूत्रों के मुताबिक अध्ययन दल ने रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है।
इस पर निर्णय के लिए दो बार बैठक भी बुलाई गई पर ये किसी न किसी वजह से टल गई। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि दो दिन पहले जब मुख्यमंत्री दिल्ली दौरे पर गए थे, तब उनकी गृहमंत्री राजनाथ सिंह से राहत पैकेज को लेकर चर्चा हुई। ओलावृष्टि की स्थिति की समीक्षा को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर बुलाई गई आपात बैठक में मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि सूखा राहत में केंद्र से 820 करोड़ रुपए मिल सकते हैं।

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