कांग्रेस की शिकायत पर ईसी ने शिवपुरी डीपीसी को हटाने के दिए निर्देश

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Image result for शिरोमणि दुबे PHOTOपूनम पुरोहित  मंथन न्यूज़ शिवपुरी 04 feb 2018 - आरएसएस से संबद्घता की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति करने वाले और विद्या भारती संस्थान के राष्ट्रीय पदाधिकारी शिवपुरी डीपीसी शिरोमणी दुबे को लेकर कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग से की गई शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने राज्य शासन को शिवपुरी डीपीसी के पद से दुबे को हटाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कांग्रेस की शिकायत पर अशोकनगर जिले के तीन अन्य अधिकारियों को भी हटाने के निर्देश दिए हैं जिनमें डिप्टी कलेक्टर उदय सिंह सिकरवार, बहादुरपुर थाना प्रभारी नरेन्द्र वर्मा व जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक शिवप्रताप सिंह भदौरिया भी शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों की शिकायत खुद क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को चुनाव आयोग से की थी। हालांकि आयोग के निर्देश के बावजूद शनिवार की शाम तक शिवपुरी डीपीसी शिरोमणी दुबे के स्थानांतरण आदेश संबंधित विभाग ने जारी नहीं किए हैं। दुबे जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर तरुण राठी की स्वीकृति से पहले ही 28 फरवरी तक के अवकाश पर चल रहे हैं।
चुनाव को प्रभावित करने का लगाया आरोप
शुक्रवार को सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस नेताओं के साथ दिल्ली में चुनाव आयोग के समक्ष कोलारस व मुंगावली विस क्षेत्र में उप चुनाव को भाजपा के दबाव में प्रभावित करने का आरोप अधिकारियों पर लगाया था और सूची भी सौंपी थी। इस शिकायत के आधार पर आयोग ने देर रात ही राज्य शासन को इन अधिकारियों को हटाने के निर्देश दे डाले थे।
कलेक्टर ने दे दी थी क्लीन चिट
आचार संहिता लागू होने से पूर्व कोलारस में शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में शिक्षकों का सम्मेलन कराया गया था। जिसमें कई भाजपा नेता भी मंच पर मौजूद थे। यहीं से डीपीसी कांग्रेस के निशाने पर आ गए थे। इसके बाद उन्हें लेकर कई शिकायत भी की गईं लेकिन कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी तरुण राठी ने जांच में इन सभी शिकायतों को गलत पाया था। हालांकि इसके बाद 30 जनवरी से 28 फरवरी तक डीपीसी अर्जित अवकाश पर चले गए और डीपीसी का प्रभार डीईओ परमजीतसिंह गिल को दे दिया गया।
हटेंगे या डटे रहेंगे आशंका बरकरार
पूर्व में भी शिक्षा मंत्री द्वारा डीपीसी को निलंबित कर दिया गया था बावजूद वे राजनैतिक रसूख के चलते निलंबन अवधि में भी अपनी सीट पर डटे रहे और बाद में उनका निलंबन रदद कर दिया गया। इस मामले में भी तकनीकि पेंच फसा हुआ है क्योंकि डीपीसी फिलहाल अवकाश पर हैं और ईसी के निर्देश पर संबंधित विभाग उनका स्थानान्तरण आदेश जारी भी करता है तो भी वे छुट्टी से लौटने के बाद ही कार्यमुक्त होंगे ऐसे में चर्चा है कि 28 फरवरी को मतगणना होने के बाद डीपीसी एक बार फिर स्थानान्तरण को निरस्त कराने की कवायद कर सकते हैं।
इनका कहना है
निर्वाचन आयोग ने डीपीसी को हटाने के निर्देश शासन को दिए हैं। अभी संबंधित विभाग से उनका स्थानांतरण आदेश जारी नहीं हुआ है। डीपीसी फिलहाल 28 फरवरी तक अवकाश पर हैं। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
तरुण राठी, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, शिवपुरी।