मालदीव संकट पर बदले चीन के सुर, कहा- नहीं चाहते भारत से टकराव

maldives indo china talks 201829 183557 09 02 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली 10feb 2018 -मालदीव को लेकर चीन ने साफ कह दिया है कि वो इस मसले पर अपने पड़ोसी देश भारत के साथ किसी तरह का टकराव नहीं चाहता है। चीन ने कहा कि मालदीव में राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिए वो भारत से बातचीत की कोशिश में है और बीजिंग नहीं चाहता कि मालदीव मुद्दे की वजह से भारत के साथ किसी तरह का मतभेद हो।
चीन के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हमारा मानना है कि मालदीव के मुद्दे पर बाहरी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। इस मामले में हल के लिए बीजिंग लगातार नई दिल्ली के संपर्क में है। दरअसल, मालदीव में संकट के बाद एक रिपोर्ट आई थी कि भारत वहां अपनी स्पेशल फोर्स तैनात करने के लिए तैयार है। इस रिपोर्ट के बाद चीन ने मालदीव में बाहरी दखल ना दिए जाने की बात कही थी।
सूत्रों के मुताबिक चीन मालदीव संकट को भारत के साथ एक और टकराव का मुद्दा नहीं बनाना चाहता। डोकलाम विवाद और संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने को लेकर चीन के विरोध के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास आ गई थी।
मालदीव संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई वार्ता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मालदीव की संप्रभुता और स्वतंत्रता का आदर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मालदीव में मौजूदा हालात वहां का आंतरिक मसला है। इस संकट को सभी दलों से बातचीत कर सुलझाना चाहिए।