पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ -गुजरात चुनाव में किसानों की नाराजगी और राजस्थान में उपचुनाव में मिली हार के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी कोलारस और मुंगावली में 'लिटमस टेस्ट' से गुजरना पड़ रहा है. उपचुनाव में कांग्रेस से मिल रही कड़ी चुनौती के बीच शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए अपनी सरकार का खजाना खोल दिया है. जानकार इसे शिवराज का 'मास्टर स्ट्रोक' बता रहे हैं.दरअसल, मौसम की मार और कई जगहों पर जरूरत से ज्यादा उत्पादन ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी थी. ऐसे में भावांतर योजना के जरिए किसानों का दर्द दूर करने की कवायद के बाद अब शिवराज ने हाल ही में कहा है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाने के लिये मुख्यमंत्री कृषि उत्पादकता योजना लागू की जायेगी.
इस योजना में गेहूं और धान पर समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 200 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. साथ ही भावांतर भुगतान योजना जारी रखी जायेगी. हाल ही में हुई ओला वृष्टि से प्रभावित फसलों के नुकसान की भरपाई राहत राशि और फसल बीमा को मिलाकर की जायेगी.
मुख्यमंत्री चौहान ने कुछ समय पहले ही भोपाल में किसानों के बीच अपनी सरकार का खजाना खोलते हुए कई बड़े ऐलान किए है
रबी 2017-18 में चना, मसूर, सरसों एवं प्याज को भावान्तर भुगतान योजना में शामिल किया जायेगा.
-रबी 2017-18 में चना, मसूर, एवं सरसों को लायसेन्सी गोदाम में भण्डारण करने पर 4 (चार) माह तक के भण्डारण शुल्क का भुगतान सरकार करेगी.
-किसानों के हित में वर्ष 2018-19 में प्याज की फसल के लिये भावान्तर भुगतान योजना लागू की जायेगी.
-प्रति विकासखण्ड एक हजार कस्टम प्रोसेसिंग एवं सर्विस सेन्टर खोले जाएंगे. किसानों को ही इनका संचालन करने की जिम्मेदारी दी जाएगी.
-चंबल संभाग में बीहड़ को कृषि योग्य बनाने के लिये 1200 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.
-50 कृषि उपज मण्डियों में ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग प्लांट लगाए जाएंगे.
-प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के सदस्यों के कालातीत बकाया ऋणों की समाधान योजना लागू होगी. फिलहाल 4 हजार 523 समितियों में यह व्यवस्था होगी.
क्रेडिट कार्ड को लेकर आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए भी सरकार ने नयी योजना बनाई है. इसके तहत सहकारी क्षेत्र के कृषक सदस्यों के किसान क्रेडिट कार्ड का रूपे कार्ड में परिवर्तन किया जाएगा. प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में माइक्रो ए.टी.एम. मशीन स्थापित की जाएगी.पशुपालकों को पशुपालन से संबंधित गतिविधियों के लिये पशुपालन क्रेडिट कार्ड प्रदान किए जाएंगे.
शिवराज सरकार की नयी नीति के तहत नई व्यवस्था में संशोधित खसरा नकल-नामांतरण एक महीने में कर दिया जायेगा. अब आवेदन देने के दिन ही सीमांकन की तारीख दे दी जायेगी. बंटाईदार किसान अब पांच साल तक जमीन दे सकेंगे. बंटाईदार किसानों को भी सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा.
-रबी 2017-18 में चना, मसूर, एवं सरसों को लायसेन्सी गोदाम में भण्डारण करने पर 4 (चार) माह तक के भण्डारण शुल्क का भुगतान सरकार करेगी.
-किसानों के हित में वर्ष 2018-19 में प्याज की फसल के लिये भावान्तर भुगतान योजना लागू की जायेगी.
-प्रति विकासखण्ड एक हजार कस्टम प्रोसेसिंग एवं सर्विस सेन्टर खोले जाएंगे. किसानों को ही इनका संचालन करने की जिम्मेदारी दी जाएगी.
-चंबल संभाग में बीहड़ को कृषि योग्य बनाने के लिये 1200 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.
-50 कृषि उपज मण्डियों में ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग प्लांट लगाए जाएंगे.
-प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के सदस्यों के कालातीत बकाया ऋणों की समाधान योजना लागू होगी. फिलहाल 4 हजार 523 समितियों में यह व्यवस्था होगी.
क्रेडिट कार्ड को लेकर आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए भी सरकार ने नयी योजना बनाई है. इसके तहत सहकारी क्षेत्र के कृषक सदस्यों के किसान क्रेडिट कार्ड का रूपे कार्ड में परिवर्तन किया जाएगा. प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में माइक्रो ए.टी.एम. मशीन स्थापित की जाएगी.पशुपालकों को पशुपालन से संबंधित गतिविधियों के लिये पशुपालन क्रेडिट कार्ड प्रदान किए जाएंगे.
शिवराज सरकार की नयी नीति के तहत नई व्यवस्था में संशोधित खसरा नकल-नामांतरण एक महीने में कर दिया जायेगा. अब आवेदन देने के दिन ही सीमांकन की तारीख दे दी जायेगी. बंटाईदार किसान अब पांच साल तक जमीन दे सकेंगे. बंटाईदार किसानों को भी सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा.

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