सीएम योगी आदित्यनाथ का मानना है कि अयोध्या विवाद का समाधान बातचीत से होना होता तो काफी पहले हो चुका होता। योगी ने कहा कि अयोध्या केस सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
इसलिए सरकार का इस पर बोलना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अदालत ने सरकार से राय मांगी तो वह अपनी राय सामने रखेगी। योगी आदित्यनाथ ने अतीत में राम मंदिर निर्माण को लेकर सहमति बनाने की कोशिशों का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि 1880, 1934, 1949, 1986, 1989, 2010 में तमाम ऐसे मौके आए जब ये मामला सुलझ सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। योगी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि बातचीत से अगर इस मामले का हल होना होता तो काफी पहले हो चुका होता।
अब सुप्रीम कोर्ट में इस केस की सुनवाई हो रही है और हमें अब इंतजार करना चाहिए।
राम मंदिर राजनीतिक मुद्दा नहीं
योगी आदित्यनाथ ने 2019 के लिए चुनावी मुद्दे के सवाल पर कहा कि राम मंदिर का मुद्दा हमारा राजनीतिक मुद्दा नहीं हो सकता, आस्था का मुद्दा हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास विकास और सुशासन के मुद्दे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिए हैं। दोनों दिशाओं पर काम हो रहा है।

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