पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल 21JAN 2018-मप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शहर के स्कूलों व बसों का निरीक्षण करने के बाद मिली खामियों और शिकायतों को लेकर सीबीएसई बोर्ड अजमेर को पत्र लिखा है। पत्र में पूछा गया है कि मप्र के सीबीएसई स्कूलों की मॉनिटरिंग कौन करता है। वहीं पिछले दिनों निरीक्षण के दौरान जब बाल आयोग ने भोपाल के 20 से अधिक स्कूल संचालकों से पूछा कि क्या आपको सीबीएसई के नियम पता हैं तो ज्यादातर स्कूल संचालकों के पास कोई जवाब नहीं था। ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब नियम ही पता नहीं होंगे तो उनका पालन कैसे होगा।
164 बिंदुओं की चेकलिस्ट की जारी
स्कूलों में हत्या और यौन शोषण की घटनाओं से चिंतित होकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनपीसीआर) ने बच्चों और स्कूलों से जुड़े कई दिशा-निर्देशों को मिलाकर एक मैनुअल तैयार किया है। इसमें 164 बिंदुओं की एक चेक लिस्ट दी गई है। एनसीपीआर के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने राज्य बाल आयोग को इस चेक लिस्ट को स्कूलों में फॉलो कराने के लिए कहा है। इस चेक लिस्ट के आधार पर अभिभावक स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा देख सकते हैं। चेकलिस्ट आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की गई है।
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- नियम नहीं पता तो पालन कैसे होगा
जब स्कूलों से सीबीएसई गाइडलाइन की जानकारी मांगी तो उन्हें कुछ नहीं पता था। जब तक स्कूलों को नियम ही पता नहीं होगा तो वे उसका पालन कैसे करेंगे। इसके लिए सीबीएसई अजमेर से जवाब मांगा है कि यहां के स्कूलों की मॉनिटरिंग कौन करता है।
ब्रजेश चौहान, सदस्य, बाल आयोग

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