महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात होगी शक्ति स्क्वाड

Image result for शक्ति स्क्वाड ki photoपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल  17 Jan 2018-नवागत डीआईजी धमेंद्र चौधरी ने मंगलवार को जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ पहली बैठक आयोजित की। जिसमें पुलिस अफसरों से परिचय और पूर्व किए गए कायोर् की प्रशंसा की। उन्होंने निर्देश दिए कि थाने में शिकायत करने आने वाले लोगों से अच्छा व्यवहार किया जाए। साथ ही पुलिस पूरी टीम भावना के साथ काम करे, जिससे भोपाल पुलिस की छवि अच्छी बन सके। उन्होंने अपनी पहली ही बैठक में महिलाआंें और छात्राओं की सुरक्षा के शक्ति स्क्वाड बनाने की घोषणा की।
जानकारी के अनुसार डीआईजी धमेंद्र सिंह चौधरी मीटिंग में कहा कि आम जनता के साथ पुलिस का व्यवहार नम्रतापूर्वक और सहज होना चाहिए। गुंडो और बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कठोर होना चाहिए।
22 जनवरी से महिला शक्ति स्क्वाड होगी तैनातः
महिलाओं एव  छात्राओं की सुरक्षा और उन्हें भय मुक्त करने तथा उनमें आत्मविश्वास का निर्माण करने के लिए 22 जनवरी से महिला शक्ति स्क्वॉड शुरू की जाएगी। इसमें महिला मैत्री की टीम और महिला पुलिस अधिकारी शक्ति स्क्वाड के जोन स्तर पर शुरू की जाएगी। यह स्क्वॉड स्कूल, कोचिंग क्लासेस, होस्टल , महिला मार्केट, शॉपिंग मॉल और संवदेनशील स्थानों पर भ्रमण कर महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा के लिए जागरूक करेंगी और उनके द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की जाएगी।
सिपाही और एसआई को माह में दो दिन अवकाशः-
भोपाल जिले के सभी थानों में पदस्थ्य आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर के अफसर को माह में दो दिन अवकाश का दिया जाएगा। जिसके लिए रोस्टर सोमवार से लागू कर दिया गया है।
टीआई करेगा पैदल भ्रमणः-
थाने का टीआई शाम के समय थाने में पुलिस कर्मियों की गणना के बाद थाने के स्टाफ के साथ अपने इलाके में सड़क पर पैदल भ्रमण करेगा और अपने थाना क्षेत्रों में लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आपराधिक किस्म के व्यक्तियों के संबंध में जानकारी लेकर उचित कार्रवाई करेगा। उनके भ्रमण के दौरान सीएसपी और सीनियर अफसर भी शामिल होंगे।
वाहन चेकिंग में लोगों को परेशानी न होः-
डीआईजी ने पहली ही बैठक में अपने अमले का साफ निर्देश दे दिए कि वाहनों की चेकिंग की जाए, लेकिन लोगों को उनके व्यवहार से परेशानी बिल्कुल नहीं होना चाहिए। इधर , डीआईजी थानाप्रभारियों से भी कहा कि शिकायत कर्ता के थाने आने के बाद ड्यूटी पर तैनात अफसर एफआईआर दर्ज करें, अगर थाने में टीआई नहीं है तो पीड़ित को थाने में रोका नहीं जाए। उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाए। सुरक्षा समिति की बैठक हर माह की पांच तारीख को की जाए।