पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ18 Jan 2018 -उत्तर प्रदेश में सत्ता संभालने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसमस्याओं के प्रति खासे संवेदनशील रहे हैं। वह लगातार कहते रहे हैं कि लोगों को अहसास होना चाहिए कि सरकार उनकी है। खुद वह समय रहने पर जनता दरबार लगाते हैं। जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की तय समय में निस्तारण की व्यवस्था है। निस्तारण की गुणवत्ता की निगरानी के लिए वह समय-समय पर जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग भी करते हैं। इस सबका असर अब आंकड़ों में भी दिखने लगा है।
केंद्र सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इस मामले में उत्तर प्रदेश तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। गुजरात नंबर चार पर है। योगी राज में कुल आई 246712 शिकायतों में 169959 का निस्तारण हुआ। मालूम हो कि लोगों पर सरकार का भरोसा, पारदर्शिता और जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता जानने के लिए सेंट्रलाइज्ड पब्लिक रेडे्रस एंड मानीटरिग सिस्टम की व्यवस्था हर केंद्रीय मंत्रालय में है। इस पर कोई भी आनलाइन अपनी शिकायत भेज सकता है। इसकी स्टेटस देख सकता है और तय समय में शिकायत न दूर होने पर रिमाइंडर भी भेज सकता है। इसी मकसद से इसी तरह की व्यवस्था राज्यों ने भी की है। उसमें आने वाली शिकायतों और उनके निस्तारण के स्तर से यह नतीजे निकले हैं।
जनशिकायतें निपटाने अग्रणी राज्य
राज्य निस्तारण फीसद में
छत्तीसगढ़ 83.91
तमिलनाडु 71.26
उत्तर प्रदेश 68.8
गुजरात 67.2

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