जो मैंने इजरायल में किया, मोदी यहां कर रहे हैं : नेतन्याहू

indo isera 18 01 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली 19jan 2019 -भारत यात्रा पर आए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दोनों देशों की दोस्ती को स्वर्ग में बनी जोड़ी बताते हुए कहा कि यह मानवता के प्रति प्यार, लोकतंत्र और आजादी के साझे मूल्यों पर टिकी हुई है। नेतन्याहू के मुताबिक, खस्ताहाल अर्थव्यवस्था मिलने के बाद जिस तरह इजरायल में उन्होंने भारी बदलाव किया, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काम कर रहे हैं। वे योजना बनाकर काम करते हैं और नई खोज का महत्व समझते हैं।
गुरुवार को भारत-इजरायल व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी गहरी व्यक्तिगत दोस्ती है। उन्होंने कहा कि बहुत ज्यादा नियम-कानून होने से प्रतिस्पर्द्धा में बाधा आती है। निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने से विकास को तत्काल गति मिलती है। इससे पहले नेतन्याहू ताज होटल में सुबह के नाश्ते पर कॉरपोरेट दिग्गजों से मिले। उद्योगपतियों से अनुसंधान कार्यों की तरफ ध्यान देने का अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाला समय उनका है, जो नई खोज करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय और इजरायली उद्योगपतियों का आपस में मिलते रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि मिलकर आप लोग बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। दोनों देशों की साझेदारी आश्चर्यजनक नतीजे दे रही है।
नेतन्याहू ने कहा कि नई खोज खुद-ब-खुद नहीं हो जाती है, बल्कि इसके लिए माहौल बनाना पड़ता है। इसे प्रोत्साहित करना पड़ता है। आदि पिरामल, राहुल बजाज, आदि गोदरेज, हर्ष गोयनका, आनंद महिद्रा और अशोक हिदुजा जैसे उद्योगपति इस मौके पर मौजूद थे।
नेतन्याहू बोले, अनिवार्य सैनिक शिक्षा से हमारे तकनीक बेहतर 
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने देश में तकनीकी दक्षता का श्रेय वहां की अनिवार्य सैनिक सेवा को दिया है। भारत-इजरायल व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, आपको लग रहा होगा कि हमारी प्रतिभा बेहतर शिक्षा व्यवस्था का नतीजा है। लेकिन, मुझे नहीं लगता कि हमारी शिक्षा व्यवस्था सर्वश्रेष्ठ है। हमारे यहां तो असली शिक्षा सेना में मिलती है। हमारे यहां हर आदमी को कुछ दिनों के लिए सेना में भर्ती होना पड़ता है। हम उनका परीक्षण करते रहते हैं। 21 या 22 साल का होने के बाद ही उनको तकनीकी विद्यालय जाने दिया जाता है।
इजरायल की मदद से मराठवाड़ा को मिलेगी जल संकट से निजात
महाराष्ट्र का एक भाग मराठवाड़ा हमेशा जल संकट से जूझता रहता है। लेकिन अब महाराष्ट्र सरकार इजरायल के सहयोग से वाटर ग्रिड बनाकर इससे निजात दिलाने की योजना तैयार कर रही है। गुरुवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की उपस्थिति में मराठवाड़ा में वाटर ग्रिड तैयार करने का करार हुआ। फड़नवीस का कहना है कि इजरायली तकनीक और अनुभव से इस क्षेत्र में राज्य के सबसे बड़े वाटर ग्रिड की स्थापना की जाएगी। इस प्रक्रिया में राज्य के सभी छोटे-बड़े जलाशयों एवं जलस्त्रोतों को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा।

फड़नवीस ने भरोसा जताया कि इजरायल के सहयोग से राज्य में किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य आसानी से पूरा किया जा सकेगा। बता दें कि मराठवाड़ा में ही दो साल पहले गर्मियों के दिनों में पेयजल के लिए हजारों टैंकरों के साथ-साथ ट्रेन से पानी का आपूर्ति करनी पड़ी थी। फड़नवीस सरकार द्वारा शुरू की गई जलयुक्त शिवार योजना के फलस्वरूप फिलहाल मराठवाड़ा में एक भी टैंकर की जरूरत नहीं पड़ रही है। वाटर ग्रिड का काम पूरा हो जाने के बाद मराठवाड़ा का जलसंकट हमेशा के लिए दूर हो सकता है।
फड़नवीस ने नेतन्याहू की उपस्थिति में हुई इंडिया-इजरायल बिजनेस समिट-2018 को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अपनी यात्रा के दौरान वहां की कृषि व्यवस्था देखकर काफी प्रभावित हुआ था। फड़नवीस ने याद दिलाया कि महाराष्ट्र में पिछले 2000 साल से यहूदी आकर बसते रहे हैं। वे यहां के इतिहास एवं संस्कृति का हिस्सा हैं। उन्होंने हमारे राज्य और समाज को बनाने में भी मदद की है।