पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ 16feb 2018 -उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर अपराधियों का हमदर्द होने का आरोप लगाया है. उन्होंने प्रदेश के अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी रखने की बात भी कही. पीटीआई के मुताबिक उत्तर प्रदेश विधान सभा में बृहस्पतिवार को एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘दुर्भाग्य से कुछ लोग अपराधियों से हमदर्दी जता रहे हैं. यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है. सभी जानते हैं कि कौन उनका सरपरस्त है.’
इस मौके पर आदित्यनाथ ने तीन फरवरी को नोएडा की घटना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जीतेंद्र यादव को गोली लगी थी, लेकिन वह एन्काउंटर नहीं था. मुखयमंत्री के मुताबिक पुलिस भी उसे एन्काउंटर के तौर पर नहीं देखती. बता दें कि उस रात नोएडा में एक एन्काउंटर की खबर आई थी. लेकिन बाद में पता चला था कि पुलिस ने अपराधी को नहीं बल्कि एक जिम ट्रेनर को गोली मार दी. गोली जीतेंद्र यादव नामक शख्स को लगी थी. पीड़ित के परिजनों ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी.
उत्तर प्रदेश में बीते मार्च में भारतीय जनता पार्टी सरकार बनने के बाद हुए 1200 से भी ज्यादा एन्काउंटरों में प्रदेश पुलिस ने 40 कुख्यात अपराधियों को मार गिराने दावा किया है. उधर, संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए प्रदेश सरकार ‘उत्तर प्रदेश कंट्रोल आॅफ आॅर्गेनाइज्ड क्राइम’ कानून भी लाई है. विधानसभा ने इसे अपनी मंजूरी दे दी है. वैसे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों को सुधरने या फिर प्रदेश छोड़कर चले जाने की चेतावनी दे दी थी.
पी में कल तक जो दूसरों की जान लेते थे वही अब अपनी जान की भीख मांगने लगे हैं. मेहनत मजदूरी कर घर चलाने की कसमें खाते हुए पुलिस थानों के चक्कर लगा रहे हैं. पुलिस अफसरों पर गोली चलाने वाले गुंडे अब कहते हैं "हम सुधर गए हैं, हमें जीने दो". योगी राज में दनादन पुलिस मुठभेड़ से अपराधियों की बोलती बंद हो गई है. साल भर में 40 बदमाश मारे जा चुके हैं. इसीलिए तो अब अपराधी बेल लेने के बदले जेल में ही रहना चाहते हैं.
इरशाद और सालिम बाबा दोनों सगे भाई हैं. सालिम बाबा पर सहारनपुर के एक दारोगा की ह्त्या का आरोप है. जबकि इरशाद पर मर्डर समेत आठ मुक़दमे चल रहे हैं. पिछले साल ही पुलिस ने इन्हे मुठभेड़ में पकड़ा था. अब जेल से जमानत पर पिछले ही हफ्ते छूटे हैं. दोनों भाई अपने जान की गुहार लगाते हुए शामली के एसपी के ऑफिस पहुंच गए. दोनों के हाथ में तख्ती थी, जिस पर लिखा था "मैं भविष्य में कोई अपराध नहीं करूंगा और मेह्नत मजदूरी कर अपना और परिवार का भरण पोषण करूंगा". इरशाद और सालिम ने एसपी को एक हलफनामा भी दिया कि वे अब आगे कोई अपराध नहीं करेंगे. सालिम ने बताया कि अब वह एक अच्छे आदमी की तरह अपने परिवार के लिए जीना चाहता है.
शामली के एसपी अजयपाल शर्मा अब एनकाउंटर मैन के नाम से जाने जाते हैं. यूपी में सबसे अधिक पुलिस मुठभेड़ करने वाले एसपी बन गए है. सीएम योगी आदित्यनाथ भी उनकी पीठ थपथपा चुके हैं. शर्मा ने कहा कि अगर अपराध करने वालों का मन बदल जाए तो फिर ये एक नई शुरुआत होगी. उत्तर प्रदेश में हर 24 घंटों में तीन एनकाउंटर होते हैं. योगी आदित्यनाथ के राज में अब तक 1152 पुलिस मुठभेड़ हो चुकी है. जिसमें 39 ईनामी बदमाश मारे जा चुके हैं. शामली, मुज़फ्फरनगर, आजमगढ़, मेरठ और लखनऊ में सबसे अधिक मुठभेड़ हुई है. लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार बताते हैं कि हम लगातार ईनामी अपराधियों का पीछा करते रहते हैं.
यूपी में बीजेपी की सरकार में अब तक 1991 गुंडे पुलिस मुठभेड़ में पकडे जा चुके हैं. एनकाऊंटर में चार पुलिस वाले भी शहीद हुए हैं. सीएम बनते ही योगी आदित्यनाथ ने गुंडों को राज्य छोड़ कर चले जाने की चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था जो ऐसा नहीं करेंगे उन्हें दुनिया ही छोड़नी पड़ेगी. यूपी पुलिस अब लुटेरों की लिस्ट बना रही है. उनकी कुंडली खंगाली जा रही है. वैसे लुटेरे जो राह चलते लोगों के मोबाईल, पर्स और गहने छीन लेते हैं, अब उनकी खैर नहीं है. लॉ एंड ऑर्डर के डीआईजी प्रवीण कुमार बताते है कि हम बहुत जल्द वन क्रिमिनल, वन पुलिस फार्मूला शुरू करने वाले हैं. जिसमे हर एक अपराधी पर एक पुलिसवाला लगातार मॉनिटरिंग करता रहेगा.
पुलिस एनकाउंटर के डर से कुछ अपराधियों को तो खुली हवा से अब जेल ही अच्छी लगने लगी है. लखनऊ में एक दारोगा पर गोली चलाने वाला और कई हत्यायों का आरोपी अंशु दीक्षित अब जेल में ही रहना चाहता है. यही हाल सलीम और सोहराब का है. जिसके नाम से ही कभी लखनऊ कांपने लगता था. वो अब जेल से बाहर नहीं आना चाहते हैं. ऐसे बदमाशों को लगता है कि अगर बाहर निकले तो शायद पुलिस हमें ठोंक देगी. इसीलिए यूपी की जेलों में अब नारे लगते हैं हमें बेल नहीं जेल चाहिए. कुछ गुंडे तो अपनी जमानत रद्दकर फिर से जेल पहुंच गए हैं. लेकिन यूपी में कुछ पुलिस मुठभेड़ को लेकर सवाल भी उठने लगे है. आरोप है कि कुछ पुलिस अफसर फर्जी एनकाउंटर कर रहे हैं. ऐसे ही दो मामलों में मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार को नोटिस भी भेजा है. लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ अपराधियों पर सख्ती के अपने फैसले से टस से मस होने को तैयार नहीं हैं.

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